श्रीनगर। कश्मीर जोन के नवनियुक्त पुलिस महानिरीक्षक (IGP) सुजीत कुमार ने शुक्रवार को स्पष्ट किया कि आतंकवाद के खिलाफ अभियान पुलिस की पहली प्राथमिकता पहले भी था और आगे भी रहेगा। उन्होंने कहा कि कश्मीर जोन पुलिस आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

आईजीपी का पदभार संभालने के बाद श्रीनगर में अपने पहले मैदानी दौरे के दौरान सुजीत कुमार ने सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने उन संवेदनशील इलाकों का निरीक्षण किया, जहां आगामी धार्मिक कार्यक्रमों के दौरान बड़ी संख्या में लोगों के जुटने की संभावना है।

हजरतबल समेत कई इलाकों का किया दौरा

आईजीपी सुजीत कुमार ने श्रीनगर के हजरतबल क्षेत्र समेत कई महत्वपूर्ण स्थानों का दौरा किया।

ईद-ए-मिलाद-उन-नबी के अवसर पर इन क्षेत्रों में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और आम लोगों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए उन्होंने सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा की।

उन्होंने मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों से सुरक्षा व्यवस्था, भीड़ प्रबंधन और आपात स्थिति से निपटने की तैयारियों की जानकारी ली।

सुरक्षा एजेंसियों के बीच समन्वय पर जोर

अपने दौरे के दौरान आईजीपी ने पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के बीच तालमेल की भी समीक्षा की।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसी भी चुनौती से निपटने के लिए सभी एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखा जाए।

सुजीत कुमार ने कहा कि सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत रखने के लिए जमीन पर मौजूद सभी इकाइयों के बीच प्रभावी संवाद जरूरी है।

आतंकवाद के खिलाफ जारी रहेगा अभियान

आईजीपी ने कहा कि कश्मीर में आतंकवाद विरोधी अभियान हमेशा पुलिस की प्राथमिकता रहा है।

उन्होंने कहा कि सुरक्षा बलों की कोशिश है कि क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनी रहे तथा आम नागरिक बिना डर के अपना जीवन जी सकें।

उन्होंने भरोसा दिलाया कि आतंकवाद और आतंकी नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।

लोगों की सुरक्षा पुलिस की जिम्मेदारी

सुजीत कुमार ने कहा कि कश्मीर जोन पुलिस लोगों की सुरक्षा के लिए पूरी तरह समर्पित है।

उन्होंने आम जनता से अपील की कि वे पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों का सहयोग करें।

उनका कहना है कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में जनता का सहयोग बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

धार्मिक आयोजनों को लेकर विशेष तैयारी

ईद-ए-मिलाद-उन-नबी जैसे बड़े धार्मिक आयोजनों को देखते हुए पुलिस ने विशेष सुरक्षा योजना तैयार की है।

बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी को देखते हुए यातायात व्यवस्था, भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा जांच के लिए अतिरिक्त इंतजाम किए गए हैं।

आईजीपी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि श्रद्धालुओं और आम लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो।

अधिकारियों को दिए जरूरी निर्देश

दौरे के दौरान आईजीपी ने पुलिस अधिकारियों से सुरक्षा चुनौतियों और स्थानीय परिस्थितियों की जानकारी ली।

उन्होंने संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ाने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर नजर रखने के निर्देश दिए।

साथ ही उन्होंने पुलिस कर्मियों को सतर्कता और पेशेवर तरीके से काम करने को कहा।

कश्मीर में सुरक्षा व्यवस्था पर नजर

जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा स्थिति को देखते हुए पुलिस और सुरक्षा बल लगातार आतंकवाद विरोधी अभियान चला रहे हैं।

सुरक्षा एजेंसियां आतंकी नेटवर्क, उनके सहयोगियों और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर बनाए हुए हैं।

आईजीपी सुजीत कुमार के बयान से साफ है कि आने वाले समय में भी आतंकवाद के खिलाफ अभियान को प्रमुखता दी जाएगी।

शांति बनाए रखना लक्ष्य

सुजीत कुमार ने कहा कि पुलिस का उद्देश्य केवल आतंकवाद से मुकाबला करना ही नहीं, बल्कि आम लोगों के लिए सुरक्षित माहौल बनाना भी है।

उन्होंने कहा कि पुलिस जनता के साथ मिलकर काम करेगी और क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए हर संभव कदम उठाएगी।

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