Jammu.जम्मू: दीवान मंदिर में भगवान नरसिंह की जयंती बड़े श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ मनाई गई। इस अवसर पर मंदिर परिसर श्रद्धालुओं से भर गया और लोगों ने विशेष पूजा, भजन, कीर्तन और अन्य धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लिया। नरसिंह जयंती भगवान विष्णु के चौथे अवतार, नरसिंह, के सम्मान में मनाई जाती है। भक्तजन इस दिन भगवान की पूजा और उपासना के साथ उनके जीवन और शिक्षाओं को याद करते हैं। दीवान मंदिर के मुख्य पुजारी ने बताया कि इस बार जयंती का आयोजन विशेष रूप से भव्य रूप से किया गया, जिसमें मंदिर की सजावट, दीप प्रज्ज्वलन और धार्मिक कार्यक्रम शामिल थे।
मंदिर में सुबह से ही भक्तों का तांता लगा रहा। भक्तजन ध्वज-पूजन, फूल अर्पित करने और विशेष नरसिंह मंत्रों का जाप करने में जुटे रहे। मंदिर प्रशासन ने भी इस अवसर पर विशेष व्यवस्था की थी ताकि सभी श्रद्धालु सुरक्षित और सहज रूप से पूजा में भाग ले सकें। जयंती के अवसर पर भजन और कीर्तन का आयोजन किया गया, जिसमें स्थानीय कलाकारों और भक्ति मंडलों ने हिस्सा लिया। उन्होंने भगवान नरसिंह के जीवन, उनके बल और धर्म की रक्षा की कहानियों को भक्तिमय गीतों और कथाओं के माध्यम से प्रस्तुत किया। इस दौरान बच्चों और युवा वर्ग ने भी भाग लिया, जिससे कार्यक्रम में उत्साह और जीवंतता बनी रही।
मुख्य पुजारी ने कहा, “नरसिंह जयंती का उद्देश्य केवल भगवान की उपासना करना ही नहीं, बल्कि उनके द्वारा सिखाए गए धर्म, न्याय और साहस के मूल्यों को जीवन में अपनाना भी है। यह पर्व हमें यह याद दिलाता है कि अच्छाई की रक्षा के लिए हमेशा साहस और निष्ठा के साथ खड़ा होना चाहिए।” भक्तों ने कहा कि इस जयंती में भाग लेकर उन्हें आध्यात्मिक संतोष और मानसिक शांति मिली। उन्होंने इस अवसर को अपनी धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक विरासत के प्रति सम्मान जताने का अवसर बताया। मंदिर प्रशासन ने इस अवसर पर समाज सेवा के कार्य भी किए। विशेष खाद्य वितरण और जरूरतमंदों के लिए राहत सामग्री का प्रबंध किया गया। इससे यह पर्व केवल धार्मिक उत्सव ही नहीं, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक एकता का प्रतीक भी बन गया।