जम्मू मेडिकल कॉलेज में बड़ा फैसला, गर्मी-सर्दी की छुट्टी में प्रोफेसरों की सैलरी रोकने पर रोक

GMC जम्मू में प्रोफेसरों की जीत

Update: 2026-07-31 03:02 GMT

जम्मू: सरकारी मेडिकल कॉलेज (GMC) जम्मू के डॉक्टरों और प्रोफेसरों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। अब कॉलेज प्रिंसिपल गर्मी और सर्दी की छुट्टियों के दौरान प्रोफेसरों का वेतन नहीं रोक सकेंगे। इस संबंध में जारी निर्देशों के बाद शिक्षकों और चिकित्सकों ने इसे अपनी बड़ी जीत बताया है।

मेडिकल कॉलेज के प्रोफेसरों का कहना था कि छुट्टियों के दौरान वेतन रोकना उचित नहीं है, क्योंकि वे नियमित सेवा का हिस्सा हैं और अवकाश सरकारी नियमों के तहत मिलता है। लंबे समय से चली आ रही इस समस्या पर अब स्थिति स्पष्ट हो गई है।
छुट्टियों में वेतन रोकने पर लगी रोक
नए निर्देशों के अनुसार, केवल गर्मी या सर्दी की छुट्टी पर होने के आधार पर किसी भी प्रोफेसर या फैकल्टी सदस्य का वेतन रोका नहीं जा सकता। वेतन रोकने के लिए नियमानुसार ठोस कारण और सक्षम प्राधिकारी की अनुमति आवश्यक होगी।
इस फैसले से मेडिकल कॉलेज के शिक्षकों में राहत की भावना है और उन्होंने इसे अपने अधिकारों की रक्षा के रूप में देखा है।
डॉक्टरों ने जताई खुशी
जीएमसी जम्मू के डॉक्टरों और प्रोफेसरों ने इस फैसले का स्वागत किया है। उनका कहना है कि इससे शिक्षकों में असुरक्षा की भावना खत्म होगी और वे बिना किसी चिंता के अपनी शैक्षणिक और चिकित्सकीय जिम्मेदारियों का निर्वहन कर सकेंगे।
उन्होंने कहा कि छुट्टियां सेवा नियमों के तहत मिलती हैं, इसलिए इस अवधि में वेतन रोकना उचित नहीं था।
प्रशासनिक व्यवस्था में आएगी स्पष्टता
माना जा रहा है कि इस फैसले से मेडिकल कॉलेजों में वेतन और अवकाश संबंधी मामलों को लेकर स्पष्टता आएगी। अधिकारियों को भी निर्देशों के अनुसार कार्रवाई करनी होगी, जिससे भविष्य में ऐसे विवादों की संभावना कम होगी।
शिक्षण और स्वास्थ्य सेवाओं पर सकारात्मक असर
विशेषज्ञों का मानना है कि डॉक्टरों और शिक्षकों को बेहतर सेवा वातावरण मिलने से मेडिकल शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। जब फैकल्टी अपने अधिकारों को लेकर आश्वस्त होगी, तो वह छात्रों के प्रशिक्षण और मरीजों की सेवा पर अधिक ध्यान दे सकेगी।
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