Jammu जम्मू, ज्ञान क्रांति का आह्वान करते हुए उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने रविवार को कहा कि भविष्य में सरकार की रणनीति आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) समर्थित कक्षाएं होनी चाहिए, न कि एआई-आधारित कक्षाएं। जम्मू विश्वविद्यालय के जनरल जोरावर सिंह सभागार में महावीर इंटरनेशनल स्कूल के 18वें वार्षिक समारोह को संबोधित करते हुए उपराज्यपाल ने देश को एक विकसित राष्ट्र बनाने और अर्थव्यवस्था के विभिन्न क्षेत्रों में सर्वांगीण विकास को बनाए रखने के लिए ज्ञान क्रांति की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने आधुनिक शैक्षणिक प्रणाली में एआई के प्रभाव और शिक्षक-छात्र जुड़ाव को और अधिक उत्पादक बनाने में इसकी बड़ी भूमिका पर भी बात की। उपराज्यपाल सिन्हा ने इस बात पर प्रकाश डाला कि एआई तकनीक को शिक्षकों के पूर्ण प्रतिस्थापन के बजाय एक सहायक उपकरण माना जाना चाहिए। उन्होंने शैक्षणिक संस्थानों से कहा, "एआई-समर्थित कक्षाएं, न कि एआई-आधारित कक्षाएं हमारी भविष्य की रणनीति होनी चाहिए।"
उपराज्यपाल ने कहा, "जम्मू-कश्मीर में क्षमता निर्माण और स्कूलों को उत्कृष्टता के केंद्र के रूप में विकसित करना मेरे उद्देश्यों में से एक रहा है और हमने छात्रों के अभिनव विचारों की शक्ति का दोहन करने के लिए सीखने का एक गतिशील और प्रतिस्पर्धी माहौल बनाया है।" उन्होंने छात्रों की अंतर्निहित क्षमता को साकार करने और यह सुनिश्चित करने में शिक्षकों की भूमिका पर जोर दिया कि जम्मू-कश्मीर की मूल दक्षताओं को एक उज्जवल भविष्य के लिए समन्वित किया जाए। एलजी सिन्हा ने कहा, "सीखना परीक्षण और मूल्यांकन के इर्द-गिर्द केंद्रित नहीं होना चाहिए। युवा पीढ़ी को नैतिक मूल्यों और जीवन के व्यावहारिक पहलुओं से जोड़ने के लिए उचित समझ और उचित जागृति के साथ सीखना जरूरी है।" उन्होंने एक उत्पादक शिक्षण-अधिगम पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करने पर विशेष जोर दिया, जहां शिक्षक पाठ्यक्रम तक सीमित न हों और छात्रों के साथ अपने अनुभव और ज्ञान को साझा करने के लिए स्वतंत्र हों।
एलजी ने कहा, "जब तक शिक्षक सशक्त नहीं होंगे, छात्र सशक्त नहीं होंगे, जब तक छात्र सशक्त नहीं होंगे, राष्ट्र मजबूत नहीं हो सकता।" पिछले कुछ वर्षों में शिक्षा क्षेत्र में शुरू किए गए सुधारों के बारे में उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में देश एक शैक्षिक क्रांति का गवाह बन रहा है। एलजी सिन्हा ने शिक्षा और विविध क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्रों को सम्मानित किया और उन्हें अपनी शुभकामनाएं दीं। उन्होंने स्कूल के छात्रों द्वारा एक भजन वीडियो 'गरुड़ वाहिनी वैष्णवी' का पोस्टर भी जारी किया। उपराज्यपाल ने स्कूल प्रशासन, शिक्षकों और छात्रों को बधाई दी।
पद्मश्री प्रोफेसर विश्वमूर्ति शास्त्री; पद्मश्री एसपी वर्मा; पद्मश्री मोहन सिंह; पद्मश्री रोमालो राम; एम्स जम्मू के कार्यकारी निदेशक और सीईओ शक्ति कुमार गुप्ता और बिशन सिंह दर्दी को उनके संबंधित क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित किया गया। छात्रों ने सामाजिक मुद्दों पर प्रकाश डालते हुए मनमोहक प्रस्तुतियां दीं। गणमान्य व्यक्तियों, स्कूल प्रबंधन, शिक्षकों, छात्रों और अभिभावकों को ‘खाद्य बर्बादी रोकने’ की शपथ भी दिलाई गई। इस अवसर पर महावीर इंटरनेशनल स्कूल के चेयरमैन हीरा लाल अबरोल; स्कूल के निदेशक गौरव अबरोल और स्कूल के प्रिंसिपल कुंदन लाल डोगरा भी मौजूद थे।