Jammu.जम्मू: मानसिक स्वास्थ्य और ध्यान केंद्रित रहने की क्षमता बढ़ाने के उद्देश्य से मिशन शक्ति ने हिमायत प्रोग्राम के तहत ट्रेनीज़ के लिए एक विशेष मेडिटेशन सेशन आयोजित किया। इस पहल का उद्देश्य ट्रेनीज़ को मानसिक रूप से सशक्त बनाना और उन्हें तनावमुक्त जीवन जीने की तकनीक सिखाना है।
कार्यक्रम में प्रशिक्षकों ने ट्रेनीज़ को ध्यान, श्वास नियंत्रण और मानसिक संतुलन बनाए रखने के विभिन्न उपायों से परिचित कराया। उन्होंने बताया कि नियमित मेडिटेशन तनाव कम करने, फोकस बढ़ाने और मानसिक स्पष्टता बनाए रखने में मदद करता है।
मिशन शक्ति की टीम ने कहा कि यह सेशन ट्रेनीज़ के पेशेवर और व्यक्तिगत जीवन में बेहतर प्रदर्शन सुनिश्चित करने के लिए आयोजित किया गया। उन्होंने बताया कि मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान देना वर्तमान समय की आवश्यकताओं में शामिल है, खासकर युवाओं और प्रशिक्षण में शामिल व्यक्तियों के लिए।
ट्रेनीज़ ने बताया कि मेडिटेशन सेशन ने उन्हें मानसिक स्फूर्ति और सकारात्मक ऊर्जा दी। एक ट्रेनी ने कहा, “सेशन ने न केवल हमारे दिमाग को शांत किया, बल्कि ध्यान केंद्रित करने और तनाव कम करने में भी मदद की। हम इसे अपनी दिनचर्या में शामिल करेंगे।”
मिशन शक्ति के प्रमुख ने बताया कि मानसिक स्वास्थ्य को बढ़ावा देने के लिए ऐसे सेशन्स नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि युवाओं को मानसिक रूप से सशक्त बनाना और उन्हें भावनात्मक स्थिरता प्रदान करना मिशन शक्ति की प्राथमिकता है।
इस दौरान प्रशिक्षकों ने ट्रेनीज़ को सरल और प्रभावी मेडिटेशन तकनीकों का अभ्यास कराया। इन तकनीकों में गहरी श्वास, ध्यान केंद्रित करना और मानसिक सकारात्मकता बनाए रखना शामिल था। उन्होंने बताया कि ये तकनीकें किसी भी समय, किसी भी स्थान पर अपनाई जा सकती हैं और इसका प्रभाव लंबे समय तक रहता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान देना और मेडिटेशन जैसी गतिविधियों को शामिल करना युवाओं में मानसिक तनाव को कम करने और सृजनात्मकता बढ़ाने में मदद करता है।
कार्यक्रम के समापन पर मिशन शक्ति की टीम ने ट्रेनीज़ को प्रोत्साहित किया कि वे रोजाना मेडिटेशन को अपनी दिनचर्या में शामिल करें और मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखें। उन्होंने कहा कि मानसिक रूप से सशक्त व्यक्ति ही समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकता है।