Kashmir: गुरुद्वारों में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़

Update: 2026-04-15 12:31 GMT
Kashmir.कश्मीर: विभिन्न हिस्सों में बैसाखी का पर्व इस वर्ष धार्मिक उत्साह और पारंपरिक श्रद्धा के साथ मनाया गया। घाटी के कई गुरुद्वारों और धार्मिक स्थलों पर सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली।
Kashmir Valley में आयोजित मुख्य कार्यक्रमों में लोगों ने गुरुद्वारों में मत्था टेककर सुख-समृद्धि और शांति की कामना की। इस अवसर पर विशेष कीर्तन दरबार, अरदास और लंगर सेवा का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया।
बैसाखी, जिसे फसल कटाई के पर्व के रूप में भी जाना जाता है, घाटी में सामाजिक एकता और सांस्कृतिक मेल-जोल का प्रतीक माना जाता है। इस मौके पर विभिन्न समुदायों के लोगों ने एक-दूसरे को शुभकामनाएं दीं और भाईचारे का संदेश साझा किया।
Jammu and Kashmir, India प्रशासन ने सभी प्रमुख स्थानों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए थे ताकि कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके। पुलिस और सुरक्षा बलों को संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात किया गया था।
Kashmir Valley के कई इलाकों में सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए गए, जिनमें पारंपरिक संगीत और भक्ति गीतों ने माहौल को और अधिक आध्यात्मिक बना दिया।
स्थानीय लोगों ने कहा कि बैसाखी का यह पर्व न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि यह समाज में आपसी सद्भाव और एकता को भी मजबूत करता है।
कुल मिलाकर, पूरे कश्मीर में बैसाखी का यह पर्व Jammu and Kashmir, India में शांति, आस्था और सांस्कृतिक एकता का सुंदर उदाहरण बनकर सामने आया।
Tags:    

Similar News