एयरपोर्ट पर CISF और NDRF की संयुक्त आपातकालीन रेस्क्यू मॉक ड्रिल आयोजित
Srinagar श्रीनगर: अंतर्राष्ट्रीय हवाईअड्डा पर आज श्रीनगर एयरपोर्ट अथॉरिटी, सेंट्रल इंडस्ट्रियल सिक्योरिटी फोर्स (CISF), नेशनल डिजास्टर रिस्पांस फोर्स (NDRF) और अन्य संबंधित एजेंसियों ने आपातकालीन रेस्क्यू मॉक ड्रिल आयोजित की। इस ड्रिल का उद्देश्य हवाईअड्डे पर किसी भी आकस्मिक घटना, जैसे विमान दुर्घटना या अन्य संकटपूर्ण परिस्थितियों में त्वरित बचाव और सुरक्षा संचालन को परखना और बेहतर बनाना था। मॉक ड्रिल के दौरान टीमों ने रिस्क एसेसमेंट, राहत कार्यों का समन्वय, घायल यात्रियों की मदद, और आपातकालीन निकासी प्रक्रियाओं का अभ्यास किया। इसमें शामिल सुरक्षा और आपदा प्रबंधन दलों ने विभिन्न संभावित आपात स्थितियों पर प्रतिक्रिया देने की तैयारी की, ताकि वास्तविक संकट के समय समय पर और प्रभावी कार्रवाई की जा सके।
CISF अधिकारियों ने बताया कि ड्रिल में एयरपोर्ट की सुरक्षा प्रणालियों, फायर ब्रिगेड तंत्र, और आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं की क्षमता का परीक्षण किया गया। उन्होंने कहा कि यह अभ्यास हवाईअड्डे के कर्मियों को वास्तविक परिस्थितियों में सुरक्षित और कुशल संचालन के लिए तैयार करता है। NDRF की टीम ने भी विशेष बचाव तकनीकें और उपकरणों का इस्तेमाल कर मॉक ड्रिल में भाग लिया। इस दौरान घायल यात्रियों का नकल करके उनकी त्वरित चिकित्सा सहायता सुनिश्चित की गई और हवाईअड्डे के आपातकालीन प्रोटोकॉल का पालन किया गया।
श्रीनगर एयरपोर्ट अथॉरिटी के अधिकारियों ने बताया कि यह मॉक ड्रिल नियमित अंतराल पर आयोजित की जाती है ताकि सुरक्षा एजेंसियों और एयरपोर्ट स्टाफ की तैयारी हमेशा उच्च स्तर पर बनी रहे। ड्रिल से यह सुनिश्चित होता है कि यात्रियों की सुरक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम और संसाधन समय पर उपलब्ध हों। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे अभ्यास न केवल हवाईअड्डे की सुरक्षा को मजबूत करते हैं बल्कि आपदा प्रबंधन और बचाव कार्यों में सहयोग और तालमेल को भी बढ़ावा देते हैं।