श्रीनगर, सर्दियों की शुरुआत के साथ ही जम्मू-कश्मीर में जल-विद्युत (हाइड्रो पावर) उत्पादन में लगभग 80 प्रतिशत की गिरावट आ गई है। इससे कड़ाके की ठंड के दौरान उपभोक्ताओं को होने वाली बिजली आपूर्ति पर सवाल खड़े हो गए हैं। एक अधिकारी ने बताया कि जम्मू-कश्मीर की अपनी परियोजनाओं से होने वाला जल-विद्युत उत्पादन 250-280 मेगावाट (MW) के बीच घट-बढ़ रहा है।
अधिकारी ने कहा, "पिछले हफ्ते, स्थानीय परियोजनाओं से औसत बिजली उत्पादन 250-280 या 270-300 मेगावाट के बीच रहा।" अधिकारी ने आगे बताया कि सर्दियों में पानी का स्तर कम होने के कारण आमतौर पर बिजली उत्पादन में कमी आ जाती है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि केंद्रीय विद्युत मंत्रालय (MoP) हर साल जम्मू-कश्मीर के लिए केंद्रीय पूल से कुछ बिजली आवंटित करता है। अधिकारी ने बताया, "इसके अलावा, 1 दिसंबर से फरवरी 2027 तक हमें केंद्रीय पूल से 330 मेगावाट अतिरिक्त बिजली मिलेगी, जिससे कड़ाके की ठंड के दौरान बिजली की मांग को कुछ हद तक पूरा करने में मदद मिलेगी।"
इससे पहले इस समाचार एजेंसी ने बताया था कि कश्मीर में लगभग 300 मेगावाट बिजली की कमी चल रही है। एक अधिकारी ने जानकारी दी थी कि "सितंबर के तीसरे हफ्ते में कश्मीर में बिजली की मांग लगभग 1350 मेगावाट (MW) थी।" उन्होंने कहा, "पीक आवर्स (सबसे ज्यादा मांग वाले समय) के दौरान, कश्मीर संभाग में बिजली की मांग आमतौर पर 1300-1350 मेगावाट रहती है। लेकिन, बिजली की उपलब्धता 1000-1150 मेगावाट के बीच ही रहती है।" अधिकारी ने आगे बताया कि बिजली की आपूर्ति में उतार-चढ़ाव होता रहता है। "इस वजह से, बिजली की मांग और उपलब्धता भी समय-समय पर बदलती रहती है। ऐसी स्थिति में हमें ग्रिड से बिजली की आपूर्ति कम (ग्रिड कर्टेलमेंट) करनी पड़ती है।"
KNO की पिछली रिपोर्ट के अनुसार, जम्मू-कश्मीर अपनी बिजली का लगभग 84 प्रतिशत हिस्सा दूसरे राज्यों से मंगाता है, जबकि केंद्र शासित प्रदेश के अपने स्थानीय स्टेशनों से लगभग 370 मेगावाट (MW) बिजली का उत्पादन होता है। इस संबंध में आधिकारिक आंकड़े बताते हैं कि यह केंद्र शासित प्रदेश अन्य राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से लगभग 2000 मेगावाट बिजली मंगा रहा है। उच्च अधिकारियों ने बताया है कि जम्मू-कश्मीर के अपने बिजली संयंत्रों की कुल 1197 मेगावाट उत्पादन क्षमता में से, बिजली का उत्पादन 360 से 400 मेगावाट के बीच रहा।
अधिकारी ने बताया कि इस क्षेत्र में बगलीहार-1 जलविद्युत परियोजना से 298 मेगावाट, कश्मीर संभाग की अन्य परियोजनाओं से 49 मेगावाट और जम्मू संभाग में स्वतंत्र बिजली उत्पादकों (IPPs) के जरिए 20 मेगावाट बिजली का उत्पादन हो रहा था। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, स्टेट लोड डिस्पैच सेंटर (SLDC) ने कश्मीर संभाग में 1170 मेगावाट और जम्मू संभाग में 1130 मेगावाट का बिजली लोड दर्ज किया। साथ ही यह भी बताया गया कि जम्मू-कश्मीर में केंद्र सरकार के स्वामित्व वाली जलविद्युत परियोजनाओं से, जिनकी उत्पादन क्षमता लगभग 2200 मेगावाट है, लगभग 1100 मेगावाट बिजली का उत्पादन किया जा रहा था।
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