JAMMU.जम्मू: जम्मू विश्वविद्यालय (जेयू) में आज एक महत्वपूर्ण शैक्षणिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें कुलपति (वीसी) द्वारा इनोवेशन और सस्टेनेबिलिटी विषय पर आधारित एक पुस्तक का विधिवत विमोचन किया गया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कई वरिष्ठ प्रोफेसर, शोधार्थी और छात्र उपस्थित रहे। कार्यक्रम का उद्देश्य शिक्षा, अनुसंधान और सतत विकास के क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देना था।
कार्यक्रम की शुरुआत औपचारिक स्वागत भाषण से हुई, जिसमें पुस्तक के महत्व और इसके अकादमिक योगदान पर प्रकाश डाला गया। इसके बाद कुलपति ने पुस्तक का विमोचन किया और कहा कि आज के समय में इनोवेशन और सस्टेनेबिलिटी दोनों ही शिक्षा और विकास के सबसे महत्वपूर्ण स्तंभ हैं। उन्होंने कहा कि यदि हम भविष्य को सुरक्षित और बेहतर बनाना चाहते हैं, तो हमें संसाधनों के सतत उपयोग और नए विचारों को अपनाने पर ध्यान देना होगा।
वीसी ने अपने संबोधन में यह भी कहा कि विश्वविद्यालयों की भूमिका केवल शिक्षा प्रदान करने तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज को नई दिशा देने और शोध आधारित समाधान प्रस्तुत करने में भी उनकी अहम जिम्मेदारी है। उन्होंने इस पुस्तक को छात्रों और शोधकर्ताओं के लिए एक उपयोगी मार्गदर्शिका बताया।
इस अवसर पर मौजूद शिक्षाविदों ने भी पुस्तक की सराहना की और कहा कि यह प्रकाशन वर्तमान वैश्विक चुनौतियों जैसे पर्यावरण संरक्षण, तकनीकी विकास और संसाधन प्रबंधन को समझने में मदद करेगा। उन्होंने कहा कि इनोवेशन आज के समय की आवश्यकता है, जबकि सस्टेनेबिलिटी भविष्य की सुरक्षा की गारंटी है।
कार्यक्रम में यह भी चर्चा की गई कि कैसे शिक्षा संस्थान समाज में जागरूकता फैलाने और सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) को प्राप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। शोधार्थियों ने भी अपने विचार साझा किए और इस तरह की अकादमिक पहलों को प्रेरणादायक बताया।
पुस्तक के लेखक ने इस अवसर पर बताया कि इस पुस्तक को तैयार करने का उद्देश्य इनोवेशन और सस्टेनेबिलिटी के बीच संतुलन को समझाना है। उन्होंने कहा कि आधुनिक विकास तभी सफल हो सकता है जब वह पर्यावरण और समाज दोनों के अनुकूल हो।
कार्यक्रम के अंत में धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया, जिसमें सभी अतिथियों, शिक्षकों और छात्रों का आभार व्यक्त किया गया। साथ ही यह आशा जताई गई कि यह पुस्तक शिक्षा जगत में नए शोध और विचारों को जन्म देगी।
इस प्रकार जेयू में आयोजित यह पुस्तक विमोचन कार्यक्रम न केवल शैक्षणिक दृष्टि से महत्वपूर्ण रहा, बल्कि इसने इनोवेशन और सस्टेनेबिलिटी जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर व्यापक चर्चा को भी बढ़ावा दिया।