Jammu.जम्मू: ईएसआरएम (शैक्षणिक और सामाजिक सुधार आंदोलन) ने हाल ही में जम्मू में नुक्कड़ नाटक ‘नशा मुक्त बनाना है’ का मंचन किया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं और समाज को नशामुक्त जीवन के महत्व के प्रति जागरूक करना था।
कार्यक्रम का आयोजन स्थानीय समुदाय और छात्रों की उपस्थिति में किया गया। नुक्कड़ नाटक ने नशे के खतरों, सामाजिक और पारिवारिक समस्याओं पर प्रकाश डाला और यह संदेश दिया कि नशा केवल व्यक्तिगत नहीं बल्कि समाजिक स्तर पर भी हानिकारक है।
नाटक में विभिन्न दृश्य प्रस्तुत किए गए, जिनमें युवाओं को नशे से दूर रहने और सकारात्मक जीवन शैली अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। कलाकारों ने अपने अभिनय और संवादों के माध्यम से नशामुक्त जीवन के महत्व को प्रभावशाली तरीके से दर्शाया।
ईएसआरएम के प्रतिनिधियों ने कहा कि कला और थिएटर का उपयोग सामाजिक संदेश फैलाने के लिए बेहद प्रभावी तरीका है। इस नुक्कड़ नाटक के माध्यम से युवाओं में नशे के दुष्परिणामों के प्रति चेतना बढ़ाने का प्रयास किया गया।
स्थानीय छात्रों और नागरिकों ने इस पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम न केवल जागरूकता बढ़ाते हैं बल्कि युवाओं को समाज में सक्रिय और जिम्मेदार भूमिका निभाने के लिए प्रेरित करते हैं।
कार्यक्रम के अंत में आयोजकों ने कहा कि भविष्य में और भी ऐसे नाटकीय और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन की योजना बनाई जा रही है। इसका उद्देश्य युवाओं में नशामुक्त जीवन और सामाजिक जिम्मेदारी के संदेश को और व्यापक स्तर पर पहुंचाना है।
कुल मिलाकर, ईएसआरएम द्वारा आयोजित नुक्कड़ नाटक ‘नशा मुक्त बनाना है’ जम्मू में नशामुक्त समाज की दिशा में एक सकारात्मक पहल साबित हुआ। इस तरह की गतिविधियां न केवल शिक्षा और जागरूकता फैलाती हैं, बल्कि समाज में स्वस्थ और जिम्मेदार जीवन शैली को बढ़ावा देने में भी सहायक होती हैं।
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