Jammu.जम्मू: जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल (Lieutenant Governor) ने ईस्टर के पावन अवसर पर लोगों को बधाई और शुभकामनाएँ दी हैं। अपने संदेश में एलजी ने सभी नागरिकों से आपसी भाईचारे, सौहार्द और सामूहिक सौहार्दपूर्ण जीवन की कामना की।
एलजी ने कहा कि ईस्टर केवल एक धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि मानवता, करुणा और दया का प्रतीक है। उन्होंने लोगों से अपील की कि इस अवसर पर वे समाज में प्रेम और सहयोग की भावना को बढ़ावा दें और जरूरतमंदों की मदद करें।
संदेश में एलजी ने बताया कि जम्मू-कश्मीर में सभी धर्मों और समुदायों के लोग एक-दूसरे के त्योहारों में सहभागी होकर सामाजिक सौहार्द को मजबूत कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह विविधता में एकता का प्रतीक है और राज्य की शांति और समृद्धि में योगदान देती है।
एलजी ने विशेष रूप से बच्चों, युवाओं और समाज के कमजोर वर्ग के लिए खुशहाली और शिक्षा में प्रगति की कामना की। उन्होंने कहा कि यह अवसर हमें सहिष्णुता और पारस्परिक सम्मान के महत्व की याद दिलाता है।
स्थानीय चर्चों और ईसाई समुदाय ने भी इस अवसर पर अपनी तैयारियों और कार्यक्रमों की जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि ईस्टर सिर्फ धार्मिक अनुष्ठान नहीं है, बल्कि यह समाज में साझा खुशियाँ और सहयोग बढ़ाने का अवसर है।
विशेषज्ञों का कहना है कि जम्मू-कश्मीर में ऐसे शुभकामना संदेश सामाजिक एकता और सांस्कृतिक सौहार्द को मजबूत करने में मदद करते हैं। उन्होंने कहा कि नेताओं और अधिकारियों द्वारा दिए गए संदेश समाज में सकारात्मक सोच और भाईचारे को बढ़ावा देते हैं।
इस अवसर पर राज्य सरकार और प्रशासन ने भी नागरिकों से अपील की कि वे त्योहार को शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से मनाएँ। उन्होंने कहा कि जनता का सहयोग और उत्साहपूर्ण भागीदारी जम्मू-कश्मीर की सामाजिक स्थिरता और सांस्कृतिक एकता के लिए महत्वपूर्ण है।
कुल मिलाकर, जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल द्वारा ईस्टर पर दी गई बधाई और शुभकामनाएँ राज्य के लोगों के बीच भाईचारे, सहिष्णुता और समाजिक सहयोग की भावना को बढ़ाने का संदेश देती हैं। यह पर्व सभी नागरिकों के लिए खुशहाली, शांति और सामूहिक सौहार्द का प्रतीक साबित होता है।