Jammu-Kashmir: आईजीपी बोले- कश्मीर घाटी में इस साल आज तक हमने 133 आतंकियों को मारा, 39 जिंदा पकड़े
जम्मू-कश्मीर में पाक-परस्त आतंकी कहीं न कहीं हमला करते ही रहते हैं।
श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर में पाक-परस्त आतंकी कहीं न कहीं हमला करते ही रहते हैं। इंडियन आर्म्ड फोर्सेस और पुलिस के जवान आतंकियों से लोहा लेते हैं। कश्मीर के आईजीपी विजय कुमार का कहना है कि, इस साल विभिन्न मुठभेड़ों में 130 से ज्यादा आतंकी मारे जा चुके हैं। वहीं, काफी आतंकी जिंदा भी पकड़े गए हैं। विजय कुमार ने हाल ही के ऑपरेशन के बारे में सूचना देते हुए बताया कि, उसमें 2 आतंकियों को मारा गया। मरने वाले आतंकी शिराज़ मौलवी और यावर भट्ट हैं।
शिराज़ मौलवी कश्मीर का वह आतंकी है, जो वर्ष 2016 से सक्रिय था। पुलिस के मुताबिक, वह कश्मीर में आमजनों का कातिल भी था। वहीं, राजधानी श्रीनगर में एक जगह एक और आतंकी को मारा गया है जिसका नाम आमिर रियाज़ है। जम्मू-कश्मीर के IGP विजय कुमार का कहना है कि, आज की मुठभेढ़ में मारे गए आतंकियों को मिलाकर अब तक हम 133 आतंकियों को मार चुके हैं, जिसमें आतंकियों के बहुत से कमांडर भी शामिल है। IGP कश्मीर विजय कुमार ने कहा कि, हमने काफी आतंकियों को जिंदा भी पकड़ा है।
2 आतंकियों ने सरेंडर किया: सीआरपीएफ
3 दिन पहले सीआरपीएफ की ओर से भी आतंकियों के खिलाफ चलाए जा रहे आॅपरेशंस की ब्रीफिंग दी गई थी। सीआरपीएफ की ओर से बताया गया कि, घाटी में इस साल 112 आतंकियों को मारा जा चुका है। इसके अलावा 135 आतंकियों को सुरक्षाबलों ने पकड़ा है। 2 ऐसे आतंकी भी हैं, जिन्होंने सरेंडर किया था। 11 नवंबर 2021 की बात करें तो जम्मू-कश्मीर की ग्रीष्मकालीन राजधानी श्रीनगर में ही एक बड़ा ऑपरेशन चलाया गया, जिसमें 1 आतंकी को मौत के घाट उतार दिया गया।
बताया जा रहा है कि, खुफिया सूचना के आधार पर जम्मू-कश्मीर पुलिस के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप, सीआरपीएफ और सेना ने संयुक्त ऑपरेशन चलाया था। जवानों को पास आते देखकर आतंकियों ने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में आतंकी को ढेर कर दिया गया।बता दें कि, इन दिनों कश्मीर घाटी में आतंकियों के खिलाफ सेना का ऑपरेशन जारी है। आर्टिकल 370 हटने के बाद से जम्मू-कश्मीर में ये पहला मौका है, जब आतंकी गतिविधियां तेजी से बढ़ी हैं। आतंकियों की वारदातों पर नजर डालें तो प्रदेश में हालात एक बार फिर खराब होते नजर आ रहे हैं। सुरक्षाबलों पर आतंकी हमले हो या फिर स्थानीय नागरिकों की हत्या...सभी में बढ़ोतरी हुई है।