JAMMU जम्मू: नेशनल कॉन्फ्रेंस के वरिष्ठ नेता और जम्मू प्रांत के अध्यक्ष रतन लाल गुप्ता ने बुधवार को कहा कि उमर अब्दुल्ला के नेतृत्व वाली सरकार के विकास एजेंडे में जम्मू प्रांत पर पूरा ध्यान दिया जा रहा है। इसमें बुनियादी ढांचे, पीने के पानी, बिजली, स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा, ग्रामीण कनेक्टिविटी, पर्यटन, रोजगार और समाज के कमजोर वर्गों के कल्याण पर विशेष जोर दिया गया है। गुप्ता ने कहा कि चुनी हुई सरकार समावेशी विकास के लिए प्रतिबद्ध है, जिसमें जम्मू शहर, सीमावर्ती इलाकों, गांवों, दूर-दराज के क्षेत्रों और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की जरूरतों पर उचित ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि विकास का आकलन सार्वजनिक सेवाओं में सुधार, परियोजनाओं के पूरा होने और आम नागरिकों को मिलने वाले वास्तविक लाभों के आधार पर किया जाना चाहिए।
उमर के नेतृत्व वाली सरकार द्वारा शुरू की गई परियोजनाओं, योजनाओं और पहलों का जिक्र करते हुए गुप्ता ने कहा कि सरकार ने सड़कों में सुधार, पक्की सड़कें बनाने, ग्रामीण कनेक्टिविटी और क्षतिग्रस्त बुनियादी ढांचे की बहाली को प्राथमिकता दी है। इसके तहत नाबार्ड (NABARD) के माध्यम से 300 से अधिक सड़कों पर काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जम्मू की बढ़ती आबादी के लिए जलापूर्ति बढ़ाना और सीवरेज बुनियादी ढांचा बहुत जरूरी है। उन्होंने अगस्त 2026 में मंजूर की गई उधमपुर के लिए 124.19 करोड़ रुपये की जलापूर्ति विस्तार योजना और रियासी के लिए 16.33 करोड़ रुपये की अपशिष्ट जल प्रबंधन परियोजना का उदाहरण दिया। जम्मू में 9.18 करोड़ रुपये की लागत से तैयार 'रेजीडेंसी रोड-हाई स्ट्रीट कॉरिडोर' शहरी बुनियादी ढांचे में सुधार का एक और उदाहरण है। इसके अलावा, सिधरा और रगोरा में 13.5 करोड़ रुपये की पेयजल योजना और बरानी इलाकों में 6.5 करोड़ रुपये की जल योजनाएं भी शामिल हैं।
बिजली के बारे में गुप्ता ने कहा कि सरकार ने 2027-28 तक बिजली की उपलब्धता में सुधार करके इसे 24 घंटे तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है, साथ ही बिजली वितरण प्रणाली का आधुनिकीकरण भी किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि अस्पतालों को अपग्रेड करना, डायग्नोस्टिक सुविधाएं, MRI और CT सेवाएं उपलब्ध कराना, तथा डिजिटल स्वास्थ्य सेवा और टेलीमेडिसिन का विस्तार करना, चिकित्सा सेवाओं तक पहुंच को बेहतर बनाने के प्रयासों का हिस्सा है।
गुप्ता ने कहा कि इन पहलों में स्कूली बुनियादी ढांचे में सुधार, स्मार्ट क्लासरूम, व्यावसायिक शिक्षा और कौशल विकास जैसे कदम शामिल हैं। 'मिशन युवा' का लक्ष्य अगले पांच वर्षों में जम्मू-कश्मीर में लगभग 1.37 लाख उद्यमों को बढ़ावा देना और 4.25 लाख रोजगार के अवसर पैदा करना है। उन्होंने कहा कि सरकार 'समग्र कृषि विकास कार्यक्रम' (Holistic Agriculture Development Programme), ग्रामीण बुनियादी ढांचा योजनाओं, सिंचाई व्यवस्था में सुधार और कृषि उद्यमों को सहायता देने पर विशेष ध्यान दे रही है। इसका उद्देश्य किसानों की आय बढ़ाना और बागवानी तथा उससे जुड़ी गतिविधियों में नए अवसर पैदा करना है।
गुप्ता ने बताया कि सरकार जम्मू के धार्मिक पर्यटन स्थलों और विरासत स्थलों तक कनेक्टिविटी के लिए बुनियादी ढांचा विकसित कर रही है। इसके साथ ही, चेनाब घाटी में भद्रवाह, पटनीटॉप, सनासर और बटोत; पीर पंजाल क्षेत्र में नूरी चंब, पीर की गली और सात झीलें; कठुआ जिले में बनी सरथल और रणजीत सागर बांध; तथा सुचेतगढ़, अखनूर, घराना, मानसर और सुरिंसर झीलों जैसे पर्यटन स्थलों का भी विकास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार की नीति में महिलाओं, अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों, अन्य पिछड़ा वर्गों, आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों और अन्य वंचित वर्गों को सहायता देना शामिल है। इसमें महिलाओं के लिए सरकारी सार्वजनिक परिवहन में मुफ्त यात्रा की सुविधा भी शामिल है। गुप्ता ने कहा कि जम्मू क्षेत्र के हर कोने में समावेशी विकास हो रहा है, जिसका लाभ दूर-दराज के इलाकों में रहने वाले अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाया जाएगा।