जम्मू: सरकार ने विधानसभा में जानकारी दी कि श्रीनगर-बारामूला राष्ट्रीय राजमार्ग के लिए वन भूमि के डायवर्जन के एवज में मुआवजा वनीकरण और नेट प्रेजेंट वैल्यू के तहत कुल 3.83 करोड़ रुपये वसूले गए हैं।
जल शक्ति, वन, पर्यावरण एवं जनजातीय मामलों के मंत्री जावेद अहमद राणा ने विधायक डॉ. सज्जाद शफी के प्रश्न के उत्तर में बताया कि यूजर एजेंसी ने 96.43 लाख रुपये मुआवजा वनीकरण और 2.87 करोड़ रुपये एनपीवी के रूप में जमा किए हैं। मंत्री ने कहा कि डायवर्जन के बदले वनीकरण और पर्यावरणीय पुनर्स्थापन के कार्य किए गए हैं। 27 हेक्टेयर क्षेत्र में 27 हजार पौधे लगाने की योजना को मंजूरी दी जा चुकी है, जबकि यह कार्य वर्ष 2024-25 में ही पूरा किया जा चुका है। पर्यावरण सुरक्षा उपायों के तहत बीआरओ द्वारा प्रभावित क्षेत्र में ढलान स्थिरीकरण कार्य किए जा रहे हैं। डीपीआर के अनुसार 22,315 मीटर दीवारों का निर्माण प्रस्तावित था, जिसमें से 15,900 मीटर कार्य पूरा हो चुका है। सरकार ने बताया कि बारामूला जिले में इस परियोजना के लिए कुल 20.93 हेक्टेयर वन भूमि डायवर्ट की गई है और विकास कार्यों को पर्यावरणीय संतुलन के साथ आगे बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।