JAMMU.जम्मू: खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामलों (FCS&CA) विभाग के निदेशक ने आज विभाग के कामकाज की विस्तृत समीक्षा की। इस दौरान विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन, वितरण प्रणाली और जनहित से जुड़े कार्यों की प्रगति का आकलन किया गया।
समीक्षा बैठक में विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया और अपने-अपने क्षेत्रों की रिपोर्ट प्रस्तुत की। निदेशक ने सभी रिपोर्टों का गहन अध्ययन किया और विभागीय कार्यप्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दिया।
उन्होंने विशेष रूप से सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के सुचारू संचालन पर ध्यान देने के निर्देश दिए। निदेशक ने कहा कि गरीब और जरूरतमंद लोगों तक समय पर राशन और आवश्यक वस्तुएं पहुंचना विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी है, इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक के दौरान उन्होंने ई-केवाईसी, राशन कार्ड अपडेट और डिजिटल प्रणाली के उपयोग को बढ़ावा देने पर भी चर्चा की। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि तकनीक का अधिकतम उपयोग कर पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए ताकि लाभार्थियों को बिना किसी परेशानी के सेवाएं मिल सकें।
निदेशक ने यह भी कहा कि विभागीय कर्मचारियों को जमीनी स्तर पर जाकर योजनाओं की निगरानी करनी चाहिए, ताकि वास्तविक स्थिति का सही आकलन किया जा सके और समस्याओं का तुरंत समाधान हो सके।
उन्होंने लंबित मामलों की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए। साथ ही जन शिकायतों का त्वरित निवारण सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया।
बैठक में यह भी चर्चा की गई कि दूरदराज और ग्रामीण क्षेत्रों में आपूर्ति व्यवस्था को और मजबूत करने की आवश्यकता है, ताकि किसी भी क्षेत्र में आवश्यक वस्तुओं की कमी न हो।
निदेशक ने कहा कि विभाग का उद्देश्य केवल आपूर्ति सुनिश्चित करना ही नहीं, बल्कि पारदर्शी और जवाबदेह प्रणाली स्थापित करना भी है, जिससे जनता का विश्वास मजबूत हो सके।
अधिकारियों ने बताया कि विभाग द्वारा विभिन्न सुधारात्मक कदम उठाए जा रहे हैं और डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से सेवाओं को अधिक सरल बनाया जा रहा है।
इस समीक्षा बैठक के अंत में निदेशक ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपनी जिम्मेदारियों को गंभीरता से निभाएं और विभागीय लक्ष्यों को समय पर पूरा करें।
इस प्रकार एफसीएसएंडसीए विभाग की यह समीक्षा बैठक प्रशासनिक कार्यों को और अधिक प्रभावी, पारदर्शी और जनहितैषी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।