JAMMU.जम्मू: जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री ने हाल ही में राज्य विधानसभा में सालाना सीएजी (Controller and Auditor General) रिपोर्ट पेश की। यह रिपोर्ट वित्तीय वर्ष 2022-23 के लिए तैयार की गई थी और इसमें राज्य सरकार के विभिन्न विभागों और योजनाओं की खर्च और प्रबंधन की विस्तृत जानकारी शामिल है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह रिपोर्ट शासन और प्रशासन में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और वित्तीय जवाबदेही बढ़ाने का महत्वपूर्ण साधन है।
मुख्यमंत्री ने विधानसभा को बताया कि सीएजी की रिपोर्ट में राज्य के विकासात्मक परियोजनाओं, विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं और विभागीय खर्चों का विश्लेषण किया गया है। रिपोर्ट में यह दर्शाया गया है कि किन विभागों ने बजट का प्रभावी उपयोग किया और किन विभागों में प्रशासनिक और वित्तीय सुधार की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि सरकार इस रिपोर्ट के निष्कर्षों के आधार पर सुधारात्मक कदम उठाएगी ताकि राज्य के संसाधनों का अधिकतम लाभ आम जनता तक पहुंच सके।
सीएजी रिपोर्ट में मुख्य रूप से शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क और बुनियादी ढांचे से जुड़े परियोजनाओं का विस्तृत मूल्यांकन किया गया। इसमें यह भी शामिल है कि किन योजनाओं में समय पर कार्य पूर्ण नहीं हुआ और किन विभागों ने निर्धारित लक्ष्यों को हासिल किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस रिपोर्ट को गंभीरता से लिया जाएगा और जहां सुधार की आवश्यकता है, वहां तुरंत कार्रवाई की जाएगी।
रिपोर्ट पेश करने के दौरान विधानसभा सदस्यों ने इस पर चर्चा की और कुछ सदस्य सरकार से सवाल-जवाब भी किए। विपक्ष के कुछ नेताओं ने कहा कि रिपोर्ट से यह स्पष्ट होता है कि कुछ विभागों में नीतियों का सही क्रियान्वयन नहीं हो रहा और सरकार को सुधार के लिए ठोस कदम उठाने होंगे। मुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया कि निष्कर्षों का गंभीरता से पालन किया जाएगा और वित्तीय और प्रशासनिक सुधार सुनिश्चित किए जाएंगे।
विशेषज्ञों का कहना है कि सीएजी रिपोर्ट पेश करना राज्य सरकार के लिए पारदर्शिता और जवाबदेही की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह न केवल सरकारी विभागों को उनकी जिम्मेदारियों के प्रति सचेत करता है, बल्कि जनता को भी यह भरोसा देता है कि उनके द्वारा दिए गए संसाधनों का उचित उपयोग हो रहा है।
मुख्यमंत्री ने विधानसभा में कहा कि सरकार निरंतर प्रयासरत है कि जम्मू-कश्मीर में सभी विकासात्मक और कल्याणकारी योजनाओं को समय पर पूरा किया जाए और उनका लाभ सीधे लोगों तक पहुंचे। उन्होंने यह भी कहा कि सीएजी रिपोर्ट से प्राप्त निष्कर्षों को नीति और योजना बनाने में मार्गदर्शन के रूप में इस्तेमाल किया जाएगा।
कुल मिलाकर, मुख्यमंत्री द्वारा सीएजी रिपोर्ट पेश करना जम्मू-कश्मीर में प्रशासनिक सुधार, वित्तीय पारदर्शिता और सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की दिशा में एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है। इससे न केवल सरकारी विभागों की जवाबदेही बढ़ेगी, बल्कि राज्य के नागरिकों को भी अपने संसाधनों के उचित उपयोग का भरोसा मिलेगा।