Jammu.जम्मू: समाज सेवा और धार्मिक संगठन एसजीआरडीएस ने गुरु रविदास जी के 649वें प्रकाश उत्सव का भव्य आयोजन किया। इस अवसर पर श्रद्धालुओं और समाज के गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति में धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। समारोह की शुरुआत गुरु रविदास जी के चित्र और प्रतिमा पर पुष्प अर्पण और दीप प्रज्वलन के साथ हुई। एसजीआरडीएस के प्रमुख ने कहा कि यह अवसर केवल उत्सव मनाने का नहीं है, बल्कि गुरु रविदास जी के जीवन और शिक्षाओं को याद करने और समाज में उनके संदेश को फैलाने का माध्यम भी है।
उत्सव में भजन, कीर्तन और प्रवचन आयोजित किए गए। प्रमुख वक्ताओं ने गुरु रविदास जी की समानता, न्याय और भक्ति के संदेशों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि गुरु रविदास जी का जीवन आज भी समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने लोगों को अहिंसा, ईमानदारी और सहयोग के मूल्य अपनाने की प्रेरणा दी।
एसजीआरडीएस ने इस अवसर पर सामाजिक कार्यों और दान गतिविधियों का भी आयोजन किया। जरूरतमंदों के लिए भोजन और अन्य सामग्री का वितरण किया गया। इस पहल के माध्यम से संगठन ने यह संदेश दिया कि धार्मिक उत्सव सिर्फ पूजा-पाठ तक सीमित नहीं होते, बल्कि समाज सेवा और मानवता के कार्यों को बढ़ावा देने का अवसर भी हैं।
स्थानीय समुदाय और छात्र-छात्राओं ने उत्सव में सक्रिय भागीदारी दिखाई। उन्होंने गुरु रविदास जी की शिक्षाओं को गीतों और नाट्य प्रस्तुतियों के माध्यम से प्रदर्शित किया। इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने कहा कि ऐसे उत्सव समाज में सांस्कृतिक चेतना और नैतिक मूल्यों को मजबूत करने का काम करते हैं।
एसजीआरडीएस के सदस्यों ने भविष्य में और अधिक धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन का वादा किया। उन्होंने कहा कि इन आयोजनों का मुख्य उद्देश्य समाज में समानता, भाईचारा और नैतिक मूल्य फैलाना है।
समारोह का समापन भव्य आरती और प्रसाद वितरण के साथ हुआ। उपस्थित भक्तों ने उत्सव की सफलता की सराहना की और इसे गुरु रविदास जी के संदेश को जीवित रखने वाला महत्वपूर्ण अवसर बताया।
कुल मिलाकर, एसजीआरडीएस द्वारा आयोजित यह 649वां प्रकाश उत्सव धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक दृष्टि से महत्वपूर्ण रहा। इस कार्यक्रम ने गुरु रविदास जी की शिक्षाओं को याद दिलाने के साथ-साथ समाज में समानता, सहयोग और मानवता के संदेश को फैलाने का कार्य किया।