Jammu.जम्मू: जम्मू और कश्मीर सरकार ने मेडिक्लेम स्कीम में गड़बड़ी और अनुचित प्रथाओं के कारण रिलायंस जनरल इंश्योरेंस कंपनी को आगामी दो साल के लिए ब्लैकलिस्ट करने का निर्णय लिया है। यह कदम स्वास्थ्य बीमा योजना में पारदर्शिता और लाभार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उठाया गया है।
सरकारी अधिकारियों ने बताया कि ब्लैकलिस्टिंग का निर्णय स्कीम के अंतर्गत किए गए ऑडिट और शिकायतों के बाद लिया गया। अधिकारियों का कहना है कि गड़बड़ी की जांच में कई अनियमितताएं सामने आई हैं, जिनमें क्लेम निपटान में देरी और नियमों का पालन न करना शामिल है।
स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि सरकार का उद्देश्य स्कीम में किसी भी प्रकार की अनियमितता को रोकना है और लाभार्थियों को समय पर और सही सेवा प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि आगामी दो वर्षों में रिलायंस जनरल इंश्योरेंस किसी भी सरकारी स्वास्थ्य बीमा योजना में भाग नहीं ले सकेगी।
मेडिक्लेम स्कीम के तहत जम्मू और कश्मीर में लाखों नागरिक लाभान्वित हैं। सरकार ने कहा कि स्कीम में किसी भी तरह की गड़बड़ी का असर सीधे लाभार्थियों पर पड़ता है, इसलिए इसका सख्ती से निपटारा करना आवश्यक है।
विशेषज्ञों का कहना है कि बीमा कंपनियों के लिए पारदर्शिता और जवाबदेही बेहद महत्वपूर्ण हैं। यदि कंपनियां नियमों का पालन नहीं करतीं, तो सरकार का कड़ा रुख और ब्लैकलिस्टिंग जैसी कार्रवाई आवश्यक हो जाती है। इससे अन्य कंपनियों को भी अनुशासन बनाए रखने का संदेश मिलता है।
सरकार ने यह भी आश्वासन दिया कि भविष्य में स्वास्थ्य बीमा स्कीमों की मॉनिटरिंग और ऑडिटिंग प्रक्रिया और अधिक मजबूत की जाएगी। इसके लिए तकनीकी उपकरणों, नियमित निरीक्षण और शिकायत निवारण तंत्र को बेहतर बनाया जाएगा।
रिलायंस जनरल इंश्योरेंस के प्रवक्ता ने कहा कि कंपनी इस निर्णय का गंभीरता से अध्ययन करेगी और भविष्य में अपनी प्रक्रियाओं में सुधार लाने की कोशिश करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि कंपनी लाभार्थियों को प्रभावित किए बिना सुधारात्मक कदम उठाने के लिए प्रतिबद्ध है।