जम्मू: शिवसेना (यूबीटी) जम्मू-कश्मीर ईकाई ने आज प्राकृति शांति हवन-यज्ञ का आयोजन कर देश व जम्मू-कश्मीर में बढ़ती प्राकृतिक आपदाओं से बचाव की कामना की गई।
पार्टी प्रदेश मध्यवर्ती कार्यालय में प्राकृतिक शांति हवन यज्ञ का आयोजन किया गया और देश व जम्मू-कश्मीर में बढ़ती प्राकृतिक आपदाओं से बचाव के लिए प्रार्थना की तथा ऐसी घटनाओं की पुनर्वावृति न हो इसके लिए आहूति डाली।
पार्टी प्रदेश प्रमुख मनीश: साहनी ने कहा कि पिछले 9 साल में 9 से अधिक भयानक तबाही की प्राकृतिक घटनाएं हो चुकी है। प्राकृतिक आफत का तांडव थमने का नाम ही नहीं ले रहा है।
जानकारी के अनुसार, उत्तराखंड, हिमाचल जम्मू-कश्मीर समेत देश के अन्य इलाकों में सन्
2025 में (30 जुलाई तक) हाइड्रो-मौसमी आपदाओं में लगभग 1600 लोगों के जान के साथ भारी आर्थिक नुक़सान सहना पड़ा है ।
जम्मू-कश्मीर में वर्ष 2025 में भी अभी तक 10 बादल फटने की घटनाएं घट चुकी हैं।
जिनमें से रामबन, किश्तवाड़ और कठुआ में हुई घटनाओं में जान-माल का काफी नुक्सान हुआ है। 17 अगस्त को कठुआ जिले में बादल फटने से 7 लोगों की जान चली गई 14 अगस्त को किश्तवाड़ में मचैल माता यात्रा रूट पर बादल फटने से 48 लोगों की मौत 100 घायल और 200 लापता हुए 20 अप्रैल को जम्मू संभाग के रामबन में बादल फटने से तीन लोगों की मौत हो गई थी ।
वहीं 2025 में एक अनुमानित आंकड़ों के अनुसार विभिन्न क्षेत्रों में भूस्खलन के कारण खरीब 50 बार राष्ट्रीय राजमार्ग प्रभावित रहा । साहनी ने कहा कि वनों की कटाई , पर्यावरण से खिलवाड़, खनन, अनियोजित शहरीकरण प्रदूषण के साथ धार्मिक स्थलों के अंधाधुंध व पिकनिक स्पॉट की तरह विकास प्राकृतिक आपदाओं का मुख्य कारण है।