Jammu.जम्मू: जम्मू प्रशासन ने रेवेन्यू सबऑर्डिनेट सर्विस में व्यापक सुधारों का प्रस्ताव तैयार किया है और इस पर जनता से सुझाव और फीडबैक मांगा गया है। इस कदम को राजस्व प्रणाली को अधिक पारदर्शी, प्रभावी और उत्तरदायी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
जानकारी के अनुसार, प्रस्तावित बदलावों का उद्देश्य रेवेन्यू विभाग की कार्यप्रणाली को आधुनिक बनाना और सेवाओं की डिलीवरी को तेज एवं सरल बनाना है। इसके तहत कई प्रशासनिक प्रक्रियाओं को डिजिटल और समयबद्ध करने की योजना भी शामिल है।
सरकार की ओर से जारी ड्राफ्ट में सेवा संरचना, पदोन्नति नियमों, भर्ती प्रक्रिया और कार्य आवंटन से जुड़े कई अहम बदलाव प्रस्तावित किए गए हैं। इन सुधारों का उद्देश्य विभागीय कार्यों में पारदर्शिता लाना और भ्रष्टाचार की संभावनाओं को कम करना है।
अधिकारियों का कहना है कि रेवेन्यू विभाग आम जनता से सीधे जुड़ा हुआ होता है, इसलिए इसमें सुधार का सीधा असर नागरिक सेवाओं पर पड़ता है। इसी को ध्यान में रखते हुए इस मसौदे को सार्वजनिक किया गया है ताकि सभी हितधारक अपनी राय दे सकें।
जनता से फीडबैक लेने की प्रक्रिया के तहत विभिन्न सामाजिक संगठनों, विशेषज्ञों और आम नागरिकों से सुझाव आमंत्रित किए गए हैं। इन सुझावों के आधार पर अंतिम नियम तैयार किए जाएंगे।
प्रशासन ने कहा है कि इस सुधार प्रक्रिया का उद्देश्य एक ऐसा सिस्टम विकसित करना है जो तेज, पारदर्शी और जवाबदेह हो, जिससे भूमि और राजस्व से जुड़े मामलों का निपटारा जल्दी और निष्पक्ष तरीके से हो सके।
विशेषज्ञों का मानना है कि रेवेन्यू विभाग में सुधार लंबे समय से आवश्यक था, क्योंकि यह विभाग जमीन और संपत्ति से जुड़े मामलों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यदि सिस्टम अधिक डिजिटल और पारदर्शी होता है तो विवादों और देरी में कमी आ सकती है।
स्थानीय स्तर पर भी इस पहल को सकारात्मक रूप में देखा जा रहा है। लोगों का कहना है कि यदि सुझावों को वास्तव में लागू किया गया तो प्रशासनिक व्यवस्था में बड़ा सुधार देखने को मिलेगा।
कुल मिलाकर, जम्मू सरकार द्वारा रेवेन्यू सबऑर्डिनेट सर्विस में बड़े बदलाव का प्रस्ताव और जनता से फीडबैक मांगना प्रशासनिक सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे भविष्य में राजस्व सेवाएं अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनने की उम्मीद है।