JAMMU.जम्मू: इंद्रा गांधी यूनिवर्सिटी ऑफ़ साइंस एंड टेक्नोलॉजी (IUST), जम्मू में साइबर सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों, फैकल्टी और प्रशासनिक कर्मचारियों को डिजिटल दुनिया में सुरक्षा, ऑनलाइन खतरों और साइबर अपराधों से बचाव के तरीकों के बारे में जागरूक करना था।
कार्यक्रम में साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों और डिजिटल सुरक्षा प्रशिक्षकों ने भाग लिया और उपस्थित छात्रों को फिशिंग, मैलवेयर, ऑनलाइन धोखाधड़ी और सोशल मीडिया खतरों के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने पासवर्ड सुरक्षा, मल्टी-फैक्टर ऑथेंटिकेशन और सुरक्षित इंटरनेट प्रैक्टिसेस को अपनाने की सलाह भी दी।
IUST के विभागाध्यक्ष ने कहा कि डिजिटल युग में साइबर सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता है, और विश्वविद्यालय की कोशिश है कि छात्र और कर्मचारी ऑनलाइन खतरों से सुरक्षित रहें। उन्होंने छात्रों को साइबर अपराधों की पहचान और रिपोर्टिंग के सही तरीके के बारे में भी प्रशिक्षित किया।
कार्यक्रम के दौरान कई इंटरैक्टिव सेशन और केस स्टडीज आयोजित की गईं, जिसमें छात्रों ने साइबर हमलों के वास्तविक उदाहरणों का विश्लेषण किया। इससे छात्रों को यह समझने में मदद मिली कि कैसे सावधानी और जागरूकता डिजिटल खतरों से सुरक्षा प्रदान कर सकती है।
विशेष रूप से, कार्यक्रम ने शैक्षणिक संस्थानों में साइबर सुरक्षा के महत्व को उजागर किया। विशेषज्ञों ने कहा कि युवा पीढ़ी के लिए यह जरूरी है कि वे साइबर सुरक्षा नियमों का पालन करें और डिजिटल जिम्मेदारी समझें।
IUST प्रशासन ने इस कार्यक्रम को विश्वविद्यालय में साइबर सुरक्षा प्रशिक्षण श्रृंखला का पहला कदम बताया और कहा कि आगे भी नियमित रूप से ऐसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इससे छात्रों और कर्मचारियों के साइबर सुरक्षा कौशल और जागरूकता स्तर में सुधार होगा।
कुल मिलाकर, IUST द्वारा आयोजित साइबर सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम ने छात्रों और कर्मचारियों को ऑनलाइन दुनिया में सुरक्षित रहने के उपायों और खतरे से निपटने के तरीकों की जानकारी दी। यह कार्यक्रम डिजिटल सुरक्षा के प्रति विश्वविद्यालय की जिम्मेदारी और प्रतिबद्धता को दर्शाता है।