सरकार विकास की ज़रूरतों और पर्यावरण सुरक्षा के बीच संतुलन बनाने के लिए प्रतिबद्ध है: Dty CM
JAMMU.जम्मू: जम्मू-कश्मीर के डिप्टी चीफ मिनिस्टर सुरिंदर चौधरी ने कहा है कि सरकार विकास परियोजनाओं की आवश्यकताओं और पर्यावरण सुरक्षा के बीच संतुलन बनाए रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने यह बयान विधानसभा में लेजिस्लेटर बलवंत सिंह मनकोटिया के कॉलिंग अटेंशन नोटिस का जवाब देते हुए दिया, जिसमें राज्य में चल रही स्टोन क्रशर यूनिट्स और उनकी गतिविधियों को लेकर सवाल उठाए गए थे।
डीसीएम ने बताया कि जम्मू-कश्मीर में कुल 691 स्टोन क्रशर यूनिट्स में से 527 यूनिट्स नियमों के अनुसार चालू हैं, जबकि 164 यूनिट्स बंद हैं। बंद होने वाली यूनिट्स में से 48 यूनिट्स को नियमों का पालन न करने के कारण सील किया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इन यूनिट्स के बंद होने से केंद्र शासित प्रदेश में चल रहे किसी भी विकास प्रोजेक्ट पर कोई असर नहीं पड़ा है।
सुरिंदर चौधरी ने कहा कि जिन यूनिट्स ने सभी नियमों और अनुमतियों का पालन किया है, वे पूरी तरह से संचालित हो रही हैं। वहीं, जो यूनिट्स एनवायरनमेंटल क्लीयरेंस, पॉल्यूशन कंट्रोल या मंजूरी की आवश्यकताओं का पालन नहीं कर रही थीं, उन्हें बंद कर दिया गया। डीसीएम ने कहा कि कई नोटिस देने के बावजूद नियमों का पालन न करने वाली यूनिट्स ने अपनी कमियों को ठीक नहीं किया और इसलिए उन्हें सील करना पड़ा।
उन्होंने बताया कि विभाग ने जम्मू-कश्मीर माइनर मिनरल कंसेशन, स्टोरेज, ट्रांसपोर्टेशन ऑफ मिनरल्स एंड प्रिवेंशन ऑफ इल्लीगल माइनिंग रूल्स, 2016 और पॉल्यूशन कंट्रोल कमेटी की गाइडलाइंस के तहत सभी जरूरी कदम उठाए हैं। इसका उद्देश्य गैर-कानूनी माइनिंग रोकना और नियमों के अनुरूप संचालन सुनिश्चित करना है। डीसीएम ने कहा कि विभाग लगातार एग्जीक्यूटिव एजेंसियों को आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराता है, जिससे रेवेन्यू लॉस रोका जा सके और गैर-कानूनी गतिविधियों पर नियंत्रण रखा जा सके।
सुरिंदर चौधरी ने जोर देकर कहा कि पर्यावरण सुरक्षा, सार्वजनिक स्वास्थ्य और इकोलॉजी की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि नियमों का पालन न करने वाली यूनिट्स को बंद करने के लिए सख्त निरीक्षण और कार्रवाई जारी है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार भविष्य में भी डेवलपमेंट और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाए रखने के लिए नियमों को सख्ती से लागू करेगी।
डीसीएम ने यह सुनिश्चित किया कि नियमों का पालन करने वाली यूनिट्स बिना किसी रुकावट के संचालन कर रही हैं और विकास परियोजनाओं में किसी तरह की बाधा नहीं आई है। उन्होंने कहा कि सरकार न केवल गैर-कानूनी गतिविधियों पर रोक लगाना चाहती है, बल्कि विकास कार्यों के लिए आवश्यक संसाधनों की आपूर्ति भी सुनिश्चित करती है, जिससे दोनों प्राथमिकताएं संतुलित रहें।
सुरिंदर चौधरी ने यह भी बताया कि नियमित निरीक्षण और सख्त नियमों के पालन से राज्य में विकास परियोजनाओं और पर्यावरण सुरक्षा दोनों का लाभ सुनिश्चित किया जा रहा है। उनका यह बयान स्पष्ट करता है कि जम्मू-कश्मीर सरकार स्थिर और संतुलित विकास को प्राथमिकता देती है और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कोई ढील नहीं बरती जाएगी।
इस प्रकार, जम्मू-कश्मीर में सरकार का यह दृष्टिकोण यह दिखाता है कि विकास की गति को बनाए रखते हुए, पर्यावरण संरक्षण को भी प्राथमिकता दी जा रही है। सभी स्टोन क्रशर यूनिट्स का संचालन नियमों के तहत किया जा रहा है और गैर-कानूनी गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जा रही है।