Jammu.जम्मू: जनरल ऑफिसर कमांडिंग (जीओसी) ने हाल ही में एलओसी (लाइन ऑफ कंट्रोल) पर जाकर भारतीय सेना की ऑपरेशनल तैयारियों और तैनाती की समीक्षा की। अधिकारियों ने बताया कि यह निरीक्षण सीमा सुरक्षा और क्षेत्र में सतर्कता बढ़ाने के उद्देश्य से किया गया। निरीक्षण के दौरान जीओसी ने एलओसी पर तैनात फौजियों की ऑपरेशन रेडीनेस, रणनीतिक तैनाती और प्रशिक्षण स्तर का विस्तृत जायजा लिया। उन्होंने क्षेत्रीय कमांडरों और जवानों से संवाद किया और संभावित सुरक्षा खतरों के संबंध में जानकारी ली।
अधिकारियों ने बताया कि निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य जवानों की सैन्य तैयारियों और सुरक्षा उपायों को मजबूत बनाना था। जीओसी ने कहा कि एलओसी पर तैनाती सतत और निरंतर निगरानी की मांग करती है, ताकि किसी भी तरह की सीमा पार की गतिविधियों को समय रहते रोका जा सके। निरीक्षण के दौरान जीओसी ने ऑपरेशनल लॉजिस्टिक्स, कम्युनिकेशन नेटवर्क और सुरक्षा उपकरणों की स्थिति की भी समीक्षा की। उन्होंने जवानों को सीमा सुरक्षा में अनुशासन और तत्परता बनाए रखने के लिए प्रेरित किया। अधिकारियों ने बताया कि जवानों के मोरल और युद्धक तत्परता को बढ़ाने के लिए इस तरह की निरीक्षण यात्राएँ नियमित रूप से की जाती हैं।
सैन्य विशेषज्ञों का कहना है कि एलओसी पर सतर्कता बढ़ाने के लिए समीक्षा और प्रशिक्षण बेहद महत्वपूर्ण हैं। इससे न केवल सीमा सुरक्षा मजबूत होती है, बल्कि जवानों को संभावित खतरों का सामना करने में आत्मविश्वास भी मिलता है। अधिकारियों ने यह भी बताया कि जीओसी ने क्षेत्र में तकनीकी निगरानी उपकरणों, ड्रोन तैनाती और राडार सिस्टम की स्थिति का भी अवलोकन किया। उन्होंने जवानों को आपातकालीन परिस्थितियों में तेजी से निर्णय लेने और कार्रवाई करने के लिए मार्गदर्शन दिया। इस निरीक्षण के बाद अधिकारियों ने कहा कि एलओसी पर भारतीय सेना की तैनाती और सुरक्षा उपाय पूरी तरह सक्षम और सतर्क हैं। उन्होंने यह भी सुनिश्चित किया कि सभी कमांड और पोस्ट मौसम और भूगोल की चुनौतियों के बावजूद पूरी तरह से तैयार हैं।