Rajouri में पहला वूल कलेक्शन सेंटर शुरू

Update: 2026-04-13 10:40 GMT
JAMMU.जम्मू: जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले में पहला वैक्यूम वूल कलेक्शन सेंटर स्थापित किया गया है। इस पहल को क्षेत्र में पशुपालन और ऊन उत्पादन को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
इस आधुनिक सेंटर के माध्यम से स्थानीय पशुपालकों से ऊन का संग्रह अधिक व्यवस्थित और तकनीकी तरीके से किया जाएगा। वैक्यूम तकनीक के उपयोग से ऊन की गुणवत्ता को बेहतर बनाए रखने और उसकी प्रोसेसिंग में सुधार की उम्मीद है।
अधिकारियों के अनुसार, इस सेंटर का उद्देश्य बिचौलियों पर निर्भरता कम करना और पशुपालकों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाना है। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी और स्थानीय लोगों की आय में वृद्धि होने की संभावना है।
कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने बताया कि इस तरह की आधुनिक सुविधाएं क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेंगी। साथ ही, ऊन आधारित उद्योगों को भी इससे लाभ मिलेगा।
स्थानीय पशुपालकों ने इस पहल का स्वागत किया है और कहा कि अब उन्हें अपनी ऊन को बेचने के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा। इससे समय और लागत दोनों की बचत होगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के केंद्र ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि और पशुपालन आधारित अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाते हैं।
प्रशासन ने यह भी संकेत दिया है कि भविष्य में ऐसे और केंद्र स्थापित किए जाएंगे, ताकि अधिक से अधिक किसानों और पशुपालकों को इसका लाभ मिल सके।
कुल मिलाकर, राजौरी में पहला वैक्यूम वूल कलेक्शन सेंटर स्थापित होना क्षेत्र के पशुपालन और ग्रामीण विकास के लिए एक महत्वपूर्ण पहल है, जिससे स्थानीय लोगों को आर्थिक और तकनीकी दोनों स्तरों पर लाभ मिलेगा।
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