फायर NOC के लिए अब सिर्फ 21 दिन, देरी होने पर अफसरों की जवाबदेही होगी तय
जम्मू-कश्मीर में बड़ा बदलाव
जम्मू: जम्मू-कश्मीर में मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के नेतृत्व वाली सरकार ने भवन निर्माण की अनुमति से जुड़ी प्रक्रिया को समयबद्ध बनाने के लिए महत्वपूर्ण फैसला लिया है। सरकार ने अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवा विभाग से जारी होने वाले अनापत्ति प्रमाणपत्र (फायर NOC) को जम्मू-कश्मीर लोक सेवा गारंटी अधिनियम, 2011 के दायरे में शामिल कर लिया है। इसके तहत संबंधित अधिकारियों को आवेदन प्राप्त होने के 21 दिनों के भीतर निर्धारित सेवा प्रदान करनी होगी। समयसीमा का पालन नहीं होने पर आवेदक अपील कर सकेंगे और नियमानुसार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जा सकेगी।
जम्मू-कश्मीर सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग ने सोमवार, 12 अक्टूबर को इस संबंध में अधिसूचना जारी की। आदेश का उद्देश्य भवन निर्माण के लिए आवश्यक अग्नि सुरक्षा मंजूरी की प्रक्रिया में समयसीमा और जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका स्पष्ट करना है।
सरकार ने अधिसूचना जम्मू-कश्मीर लोक सेवा गारंटी अधिनियम, 2011 और संबंधित नियमों के प्रावधानों के तहत जारी की है। इस अधिनियम का उद्देश्य नागरिकों को अधिसूचित सरकारी सेवाएं निर्धारित समय के भीतर उपलब्ध कराना है। नई व्यवस्था के अनुसार, भवन निर्माण की अनुमति प्राप्त करने के लिए आवश्यक फायर सेफ्टी एनओसी जारी करने की जिम्मेदारी अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवा विभाग के संयुक्त निदेशक को सौंपी गई है।
संयुक्त निदेशक को संबंधित आवेदन प्राप्त होने के बाद 21 दिनों के भीतर सेवा उपलब्ध करानी होगी। इससे आवेदकों को यह स्पष्ट रहेगा कि उनके आवेदन पर कितने समय में निर्णय लिया जाना है। सरकार ने इस व्यवस्था में निगरानी और शिकायत निवारण के लिए अपीलीय अधिकारियों की नियुक्ति भी की है। अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवा विभाग के महानिदेशक को प्रथम अपीलीय प्राधिकारी बनाया गया है। वहीं, गृह विभाग के प्रशासनिक सचिव द्वितीय अपीलीय प्राधिकारी होंगे।
इसका मतलब है कि निर्धारित समयसीमा के भीतर एनओसी नहीं मिलने या सेवा से संबंधित शिकायत होने पर आवेदक अधिसूचित अपील प्रक्रिया का उपयोग कर सकेंगे। अपील के माध्यम से देरी अथवा सेवा प्रदान करने से संबंधित विवाद की समीक्षा की जा सकेगी। 21 दिन पूरे होते ही अधिकारी पर स्वतः कार्रवाई होने का प्रावधान अधिसूचना की उपलब्ध जानकारी में स्पष्ट नहीं किया गया है। संबंधित अधिकारी की जिम्मेदारी और किसी संभावित कार्रवाई का निर्धारण लागू कानून तथा नियमों के अनुसार होगा।
भवन निर्माण से संबंधित प्रक्रियाओं में अग्नि सुरक्षा अनापत्ति प्रमाणपत्र का विशेष महत्व होता है। यह प्रमाणपत्र संबंधित अग्निशमन विभाग की ओर से निर्धारित सुरक्षा मानकों के आधार पर जारी किया जाता है। अग्नि सुरक्षा व्यवस्था का उद्देश्य इमारतों में आग लगने की घटनाओं के जोखिम को कम करना और आपातकालीन परिस्थितियों में लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। संबंधित भवन के लिए लागू नियमों के अनुसार आवश्यक अग्निशमन सुविधाओं और सुरक्षा उपायों का परीक्षण किया जाता है।
नई समयसीमा तय होने से भवन निर्माण की अनुमति लेने वाले आवेदकों को प्रशासनिक प्रक्रिया के बारे में अधिक स्पष्टता मिलेगी। अब उन्हें यह जानकारी होगी कि फायर एनओसी से संबंधित सेवा उपलब्ध कराने के लिए अधिकतम 21 दिन की अवधि निर्धारित की गई है। इसके साथ ही विभागीय स्तर पर जिम्मेदार अधिकारी और अपीलीय प्राधिकारी की पहचान भी स्पष्ट कर दी गई है। इससे आवेदन की स्थिति और देरी से संबंधित शिकायतों के निस्तारण में मदद मिलने की उम्मीद है।
जम्मू-कश्मीर सरकार ने इससे पहले भी विभिन्न सरकारी सेवाओं को लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत अधिसूचित किया है। अक्टूबर 2026 में जारी अलग-अलग अधिसूचनाओं के माध्यम से भवन निर्माण से जुड़ी कई एनओसी, लाइसेंस और अनुमतियों के लिए भी 21 दिन की समयसीमा निर्धारित की गई है।
सरकार का यह कदम प्रशासनिक पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विशेष रूप से भवन निर्माण की मंजूरी से संबंधित आवेदकों को अब समयसीमा तथा अपील की व्यवस्था की स्पष्ट जानकारी मिलेगी। सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से यह अधिसूचना सिविल सचिवालय, श्रीनगर से जारी की गई है। नई व्यवस्था में संबंधित अधिकारियों को निर्धारित समयसीमा का पालन करना होगा, जबकि आवेदकों के पास देरी होने पर अपील करने का कानूनी विकल्प रहेगा।