जम्मू: अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) जम्मू के ईएनटी विभाग की जूनियर रेजिडेंट डॉ. मुस्कान राव ने अकादमिक और वैज्ञानिक क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। हरियाणा के रोहतक में आयोजित 45वें नॉर्थ वेस्ट जोन सम्मेलन में उन्होंने पोस्टग्रेजुएट पोस्टर प्रेजेंटेशन श्रेणी में द्वितीय पुरस्कार प्राप्त किया। उनकी इस सफलता पर एम्स जम्मू के कार्यकारी निदेशक एवं सीईओ प्रोफेसर (डॉ.) संजीव सिन्हा ने उन्हें बधाई देते हुए भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी हैं।

डॉ. मुस्कान राव को उनके पोस्टर ‘ट्यूमर ऑफ द पैराफेरीन्जियल स्पेस’ के लिए यह पुरस्कार प्रदान किया गया। पोस्टर के माध्यम से उन्होंने सिर एवं गर्दन की सर्जरी से जुड़े एक महत्वपूर्ण विषय पर अकादमिक और वैज्ञानिक जानकारी प्रस्तुत की।

रोहतक में आयोजित हुआ सम्मेलन

45वें नॉर्थ वेस्ट जोन सम्मेलन का आयोजन हरियाणा के रोहतक में किया गया। सम्मेलन में चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों, डॉक्टरों, रेजिडेंट डॉक्टरों और शोधकर्ताओं ने हिस्सा लिया।

इस तरह के चिकित्सा सम्मेलनों में अलग-अलग विषयों पर वैज्ञानिक शोध, क्लिनिकल अनुभव और नए अध्ययनों को प्रस्तुत करने का अवसर मिलता है। पोस्टर प्रेजेंटेशन भी इसी अकादमिक गतिविधि का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

डॉ. मुस्कान राव ने पोस्टग्रेजुएट पोस्टर प्रेजेंटेशन श्रेणी में हिस्सा लिया और अपनी प्रस्तुति के आधार पर दूसरा स्थान हासिल किया।

‘ट्यूमर ऑफ द पैराफेरीन्जियल स्पेस’ पर बनाया पोस्टर

डॉ. मुस्कान राव ने सम्मेलन में ‘ट्यूमर ऑफ द पैराफेरीन्जियल स्पेस’ विषय पर अपना पोस्टर प्रस्तुत किया। यह विषय कान, नाक और गला यानी ईएनटी चिकित्सा के साथ सिर एवं गर्दन की सर्जरी से जुड़ा हुआ है।

पोस्टर में इस विषय से संबंधित महत्वपूर्ण अकादमिक एवं वैज्ञानिक जानकारियों को व्यवस्थित तरीके से प्रस्तुत किया गया। चिकित्सा क्षेत्र में पोस्टर प्रेजेंटेशन का उद्देश्य किसी विशेष बीमारी, उपचार, केस स्टडी या शोध के निष्कर्षों को संक्षिप्त और वैज्ञानिक तरीके से विशेषज्ञों के सामने रखना होता है।

उनकी प्रस्तुति को सम्मेलन में सराहना मिली और पोस्टग्रेजुएट श्रेणी में द्वितीय पुरस्कार के लिए चुना गया।

क्लिनिकल प्रशिक्षण के साथ शोध में भी सक्रिय

डॉ. मुस्कान राव वर्तमान में एम्स जम्मू के ईएनटी विभाग में जूनियर रेजिडेंट के रूप में कार्यरत हैं। रेजिडेंसी के दौरान डॉक्टरों को मरीजों के उपचार और क्लिनिकल प्रशिक्षण के साथ अकादमिक गतिविधियों में भी भाग लेना होता है।

डॉ. मुस्कान की उपलब्धि इस लिहाज से भी महत्वपूर्ण है कि उन्होंने अपने नियमित क्लिनिकल प्रशिक्षण के साथ शोध और वैज्ञानिक गतिविधियों में सक्रिय सहभागिता दर्ज कराई।

चिकित्सा संस्थानों में रेजिडेंट डॉक्टरों को नई चिकित्सा तकनीकों, शोध निष्कर्षों और उपचार पद्धतियों से परिचित कराने के लिए राष्ट्रीय और क्षेत्रीय स्तर के सम्मेलनों में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है।

सिर और गर्दन की सर्जरी से जुड़ा विषय

पैराफेरीन्जियल स्पेस गर्दन के भीतर स्थित एक जटिल शारीरिक क्षेत्र है। इस क्षेत्र में होने वाले ट्यूमर की पहचान और उपचार चिकित्सा की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि आसपास कई महत्वपूर्ण संरचनाएं मौजूद होती हैं।

ऐसे मामलों के अध्ययन में बीमारी की पहचान, जांच, उपचार योजना और सर्जिकल प्रबंधन जैसे विभिन्न पहलुओं पर ध्यान दिया जाता है।

डॉ. मुस्कान राव ने इसी विषय को अपने पोस्टर प्रेजेंटेशन के लिए चुना और इससे संबंधित जानकारी सम्मेलन में प्रस्तुत की।

सीईओ प्रोफेसर संजीव सिन्हा ने दी बधाई

एम्स जम्मू के कार्यकारी निदेशक एवं सीईओ प्रोफेसर (डॉ.) संजीव सिन्हा ने डॉ. मुस्कान राव को उनकी उपलब्धि के लिए बधाई दी।

उन्होंने इस सफलता को रेजिडेंट डॉक्टरों के लिए प्रेरणादायक बताया और डॉक्टरों को अकादमिक एवं शोध गतिविधियों में लगातार सक्रिय रहने के लिए प्रोत्साहित किया।

प्रोफेसर सिन्हा ने रेजिडेंट डॉक्टरों से सम्मेलनों, कार्यशालाओं और शोध गतिविधियों में अधिक से अधिक भाग लेने का आह्वान किया।

सम्मेलनों से मिलता है नई जानकारी साझा करने का अवसर

मेडिकल कॉन्फ्रेंस डॉक्टरों और शोधकर्ताओं के लिए ज्ञान साझा करने का एक महत्वपूर्ण मंच होते हैं। इनमें विभिन्न संस्थानों के विशेषज्ञ अपने अनुभव, नए शोध और क्लिनिकल मामलों को प्रस्तुत करते हैं।

रेजिडेंट डॉक्टरों के लिए ऐसे आयोजन विशेष रूप से उपयोगी होते हैं, क्योंकि उन्हें अपने शोध कार्य को विशेषज्ञों के सामने प्रस्तुत करने और उनसे प्रतिक्रिया प्राप्त करने का अवसर मिलता है।

पोस्टर और पेपर प्रेजेंटेशन के माध्यम से युवा डॉक्टर अपनी वैज्ञानिक सोच और शोध क्षमता को बेहतर कर सकते हैं।

शोध को बढ़ावा देने पर एम्स जम्मू का जोर

एम्स जैसे चिकित्सा संस्थानों में मरीजों के इलाज के साथ चिकित्सा शिक्षा और शोध भी महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। रेजिडेंट डॉक्टरों को क्लिनिकल कार्य के अलावा वैज्ञानिक शोध में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है।

सम्मेलनों और कार्यशालाओं में भाग लेने से डॉक्टरों को अपने क्षेत्र में हो रहे नए शोध और चिकित्सा तकनीकों के बारे में जानकारी मिलती है। इसके साथ ही विभिन्न चिकित्सा संस्थानों के विशेषज्ञों के बीच अकादमिक संवाद भी बढ़ता है।

डॉ. मुस्कान राव की उपलब्धि को इसी अकादमिक प्रयास से जोड़कर देखा जा रहा है।

युवा डॉक्टरों के लिए प्रेरणा

पोस्टग्रेजुएट स्तर पर किसी प्रतिष्ठित सम्मेलन में पुरस्कार प्राप्त करना युवा डॉक्टरों के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जाता है। इससे न केवल उनके शोध कार्य को पहचान मिलती है, बल्कि भविष्य में अधिक वैज्ञानिक गतिविधियों में हिस्सा लेने के लिए प्रोत्साहन भी मिलता है।

डॉ. मुस्कान की सफलता एम्स जम्मू के अन्य रेजिडेंट डॉक्टरों को भी शोध, पोस्टर प्रेजेंटेशन और वैज्ञानिक सम्मेलनों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित कर सकती है।

एम्स जम्मू के लिए भी उपलब्धि

रोहतक में आयोजित 45वें नॉर्थ वेस्ट जोन सम्मेलन में डॉ. मुस्कान राव का द्वितीय पुरस्कार हासिल करना एम्स जम्मू के ईएनटी विभाग के लिए भी महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

संस्थान की ओर से युवा डॉक्टरों को क्लिनिकल प्रशिक्षण के साथ वैज्ञानिक अनुसंधान और अकादमिक गतिविधियों में आगे बढ़ने के लिए लगातार प्रोत्साहित किया जा रहा है।

डॉ. मुस्कान राव की इस उपलब्धि के बाद संस्थान के अधिकारियों और सहयोगियों ने उन्हें शुभकामनाएं दी हैं। वहीं एम्स जम्मू के नेतृत्व ने रेजिडेंट डॉक्टरों से भविष्य में भी राष्ट्रीय और क्षेत्रीय स्तर के चिकित्सा सम्मेलनों, कार्यशालाओं और शोध कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी जारी रखने की अपेक्षा जताई है।

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