डिप्टी स्पीकरों का POJK में विरोध प्रदर्शन, विधानसभा सीटों की मांग

Update: 2026-04-25 12:05 GMT
Jammu.जम्मू: पाकिस्तान नियंत्रित जम्मू-कश्मीर (पीओजेके) में डिप्टी स्पीकरों ने हाल ही में विरोध प्रदर्शन किया। उनका मुख्य उद्देश्य पीओजेके में 12 अतिरिक्त विधानसभा सीटों की मांग करना था। डिप्टी स्पीकरों का कहना है कि यह कदम क्षेत्र की राजनीतिक और प्रतिनिधित्वीय असमानता को दूर करने के लिए आवश्यक है।
प्रदर्शन में डिप्टी स्पीकरों ने जोर देकर कहा कि पीओजेके में वर्तमान विधानसभा सीटों की संख्या स्थानीय आबादी के प्रतिनिधित्व के लिए पर्याप्त नहीं है। उन्होंने कहा कि उचित प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किए बिना लोकतांत्रिक प्रक्रिया पूरी तरह प्रभावी नहीं हो सकती। प्रदर्शन के दौरान उन्होंने बैनर और पोस्टर्स के माध्यम से अपने संदेश को स्पष्ट रूप से जनता और प्रशासन के सामने रखा।
डिप्टी स्पीकरों ने कहा कि पीओजेके के लोग लंबे समय से राजनीतिक और सामाजिक मामलों में उचित प्रतिनिधित्व के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि 12 अतिरिक्त सीटों की मांग केवल न्याय और समानता की मांग है, ताकि क्षेत्र के सभी हिस्सों के नागरिक अपनी आवाज़ संसद और विधानसभा में प्रभावी रूप से पहुंचा सकें।
प्रदर्शन के दौरान डिप्टी स्पीकरों ने स्थानीय प्रशासन और राजनीतिक दलों को भी पत्र भेजा, जिसमें उन्होंने अपनी मांगों और मुद्दों को स्पष्ट रूप से दर्ज किया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया, तो वह और बड़े आंदोलन और विरोध प्रदर्शन करने के लिए मजबूर हो सकते हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि पीओजेके में राजनीतिक प्रतिनिधित्व के मुद्दे लंबे समय से विवाद का विषय रहे हैं। डिप्टी स्पीकरों का यह कदम न केवल सीटों की मांग पर जोर देता है, बल्कि प्रशासन और राजनीतिक दलों पर भी दबाव बनाता है कि वे क्षेत्र के लोकतांत्रिक अधिकारों को सुनिश्चित करें।
स्थानीय नागरिकों ने प्रदर्शन का समर्थन किया और कहा कि इससे उनकी आवाज़ को सरकारी और राजनीतिक स्तर पर सुना जा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि यह कदम क्षेत्र में राजनीतिक जागरूकता और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मजबूत करने में मदद करेगा।
प्रदर्शन के दौरान शांति और अनुशासन बनाए रखने के लिए सुरक्षा बल तैनात किए गए थे। अधिकारियों ने कहा कि प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा और किसी भी प्रकार की हिंसा या तोड़फोड़ की घटना नहीं हुई।
Tags:    

Similar News