जम्मू। गांधीनगर अस्पताल में मरीजों को सुविधाओं की कमी और जांच में देरी की शिकायतों के बाद उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी ने शनिवार को अस्पताल का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने इमरजेंसी सहित अस्पताल के विभिन्न हिस्सों का जायजा लिया और मरीजों तथा उनके तीमारदारों से सीधे बातचीत कर व्यवस्थाओं की जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान सीटी स्कैन में हो रही देरी और नर्सिंग छात्राओं को बाहर बैठाने की व्यवस्था को लेकर उपमुख्यमंत्री ने अस्पताल प्रबंधन को फटकार लगाई।
उपमुख्यमंत्री के अस्पताल पहुंचने के बाद अधिकारियों और कर्मचारियों में भी सक्रियता बढ़ गई। उन्होंने अस्पताल के विभिन्न विभागों में जाकर वहां उपलब्ध सुविधाओं और मरीजों को मिल रही सेवाओं का जायजा लिया। उनका मुख्य जोर इस बात पर रहा कि अस्पताल में इलाज के लिए आने वाले मरीजों को जांच और उपचार के लिए अनावश्यक इंतजार न करना पड़े।
मरीजों से सीधे लिया व्यवस्थाओं का फीडबैक
निरीक्षण के दौरान सुरिंदर चौधरी ने अस्पताल में मौजूद मरीजों और उनके तीमारदारों से बातचीत की। उन्होंने मरीजों से पूछा कि उन्हें इलाज और जांच करवाने में किसी तरह की परेशानी तो नहीं हो रही है।
जब उपमुख्यमंत्री ने सीटी स्कैन, अल्ट्रासाउंड और अन्य जांचों के लिए बाहर बैठे मरीजों से पूछा कि उनकी जांच समय पर हो रही है या नहीं, तो मरीजों ने बताया कि उन्हें काफी समय तक इंतजार करना पड़ रहा है। मरीजों की शिकायत सुनने के बाद उपमुख्यमंत्री ने अस्पताल प्रबंधन से इस संबंध में जानकारी ली।
उन्होंने अधिकारियों से पूछा कि जांच के लिए मरीजों को इतना लंबा इंतजार क्यों करना पड़ रहा है और समस्या को दूर करने के लिए क्या व्यवस्था की गई है। उपमुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि अस्पताल आने वाले मरीजों को जांच के लिए अनावश्यक रूप से परेशान नहीं होना चाहिए।
सीटी स्कैन में देरी पर नाराजगी
अस्पताल में सीटी स्कैन को लेकर सामने आई शिकायतों पर उपमुख्यमंत्री ने विशेष नाराजगी जताई। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से जांच प्रक्रिया और मरीजों को मिलने वाले समय की जानकारी ली।
मरीजों ने बताया कि सीटी स्कैन सहित कुछ जांचों के लिए उन्हें लंबे समय तक इंतजार करना पड़ता है। स्वास्थ्य सेवाओं में जांच की समयबद्धता को महत्वपूर्ण बताते हुए चौधरी ने अस्पताल प्रबंधन से व्यवस्था सुधारने को कहा।
उन्होंने अधिकारियों को मरीजों की सुविधा को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अस्पताल में आने वाले मरीज पहले ही बीमारी और उपचार को लेकर परेशान रहते हैं, ऐसे में उन्हें जांच के लिए लंबे समय तक इंतजार कराना उचित नहीं है।
नर्सिंग छात्राओं को बाहर बैठाने पर फटकार
निरीक्षण के दौरान नर्सिंग छात्राओं से जुड़ी व्यवस्था का मुद्दा भी सामने आया। छात्राओं को बाहर बैठाए जाने पर उपमुख्यमंत्री ने अस्पताल प्रबंधन के प्रति नाराजगी जताई।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों से पूछा कि नर्सिंग छात्राओं के लिए उचित व्यवस्था क्यों नहीं की गई है। स्वास्थ्य संस्थानों में प्रशिक्षण ले रही छात्राओं के लिए आवश्यक सुविधाएं और उचित स्थान उपलब्ध कराना अस्पताल प्रबंधन की जिम्मेदारी है।
उपमुख्यमंत्री ने अधिकारियों को व्यवस्थाओं में सुधार करने के निर्देश दिए और कहा कि अस्पताल में मरीजों के साथ-साथ स्वास्थ्य क्षेत्र में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे विद्यार्थियों की सुविधाओं का भी ध्यान रखा जाना चाहिए।
इमरजेंसी समेत कई हिस्सों का निरीक्षण
सुरिंदर चौधरी ने अस्पताल के इमरजेंसी विभाग सहित अन्य महत्वपूर्ण हिस्सों का भी निरीक्षण किया। उन्होंने वहां उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं, मरीजों की स्थिति और अस्पताल की कार्यप्रणाली के बारे में जानकारी ली।
उन्होंने अधिकारियों से अस्पताल में उपलब्ध संसाधनों और उनके इस्तेमाल की स्थिति के बारे में भी जानकारी प्राप्त की। निरीक्षण के दौरान उनका ध्यान इस बात पर रहा कि अस्पताल की व्यवस्थाएं मरीज-केंद्रित हों और जरूरतमंद लोगों को समय पर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं।
उन्होंने मरीजों के लिए उपलब्ध जांच सुविधाओं की स्थिति का भी जायजा लिया। सीटी स्कैन और अल्ट्रासाउंड जैसी जांचों में देरी को लेकर उन्होंने संबंधित अधिकारियों से जवाब मांगा।
मरीजों की शिकायतों को गंभीरता से लेने के निर्देश
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी अस्पतालों में आने वाले मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की जिम्मेदारी है। मरीजों की शिकायतों को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि अस्पताल में आने वाले लोगों को इलाज, जांच और अन्य आवश्यक सेवाओं के लिए अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े। इसके लिए अस्पताल की आंतरिक व्यवस्था को बेहतर बनाने और मरीजों की समस्याओं का समय पर समाधान करने की जरूरत है।
निरीक्षण के दौरान मरीजों से मिली शिकायतों को देखते हुए माना जा रहा है कि अस्पताल प्रबंधन को जांच सुविधाओं और मरीजों के इंतजार के समय को लेकर व्यवस्था सुधारनी होगी।
स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता पर जोर
गांधीनगर अस्पताल के निरीक्षण के दौरान उपमुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और उपलब्धता को लेकर अधिकारियों को गंभीरता से काम करने का संदेश दिया। उन्होंने अस्पताल में आने वाले प्रत्येक मरीज को सम्मानजनक और समयबद्ध स्वास्थ्य सुविधा देने पर जोर दिया।
सीटी स्कैन और अन्य जांचों में देरी जैसी समस्याएं सीधे मरीजों के इलाज को प्रभावित कर सकती हैं। ऐसे में जांच व्यवस्था को सुचारु बनाए रखना जरूरी है। इसी तरह नर्सिंग छात्राओं के लिए उचित स्थान और सुविधाएं उपलब्ध कराने की जरूरत भी निरीक्षण में सामने आई।
उपमुख्यमंत्री के निरीक्षण के बाद अब अस्पताल प्रबंधन के सामने मरीजों की शिकायतों का समाधान करने और व्यवस्थाओं में सुधार की चुनौती है। खास तौर पर जांच सेवाओं में देरी कम करना और मरीजों को समय पर रिपोर्ट उपलब्ध कराना प्राथमिकता बन सकती है।
शनिवार के निरीक्षण में सुरिंदर चौधरी ने अस्पताल की वास्तविक स्थिति जानने के लिए अधिकारियों के साथ-साथ मरीजों और उनके तीमारदारों से भी बातचीत की। इससे उन्हें जमीनी स्तर पर सामने आ रही समस्याओं की जानकारी मिली। सीटी स्कैन और अन्य जांचों में देरी तथा नर्सिंग छात्राओं को बाहर बैठाने के मामले में नाराजगी जताते हुए उन्होंने अस्पताल प्रबंधन को व्यवस्थाएं सुधारने के निर्देश दिए।