Jammu.जम्मू: जिला कलेक्टर (डीसी) ने आज अधिकारियों को अतिक्रमण के खिलाफ संयुक्त और प्रभावी कार्रवाई करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि अवैध कब्जों और अतिक्रमण की समस्या न केवल नगर की व्यवस्था के लिए चुनौती है, बल्कि यह नागरिकों के अधिकार और शहर की छवि पर भी असर डालती है।
डीसी ने अधिकारियों से कहा कि सभी विभागों को मिलकर अतिक्रमण रोधी अभियान में सहयोग करना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल एक विभाग की कार्रवाई पर्याप्त नहीं होगी, इसलिए भूमि, नगर निगम, पुलिस और संबंधित विभागों को संपूर्ण समन्वय के साथ कदम उठाना आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि अतिक्रमण के खिलाफ नियमित निगरानी और फ्लैग मार्च से अवैध कब्जों को रोकने और भविष्य में किसी भी अवैध निर्माण को रोकने में मदद मिलेगी। इसके साथ ही, डीसी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जनता के साथ संवाद और जागरूकता अभियान भी चलाया जाए, ताकि लोग कानून का पालन करें और अवैध कब्जे से दूर रहें।
डीसी ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई में पारदर्शिता और कानूनी प्रक्रिया का पूरी तरह पालन किया जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी कार्रवाई में नियमों का उल्लंघन न हो, और प्रभावित लोगों को पूर्व सूचना और वैकल्पिक समाधान दिए जाएँ।
बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे और उन्होंने अतिक्रमण की वर्तमान स्थिति, प्रमुख संवेदनशील क्षेत्रों और पिछले अभियानों के परिणामों पर चर्चा की। डीसी ने इन रिपोर्टों की समीक्षा करते हुए कहा कि सभी विभागों को समयबद्ध तरीके से योजना बनाकर अतिक्रमण हटाने के अभियान में योगदान देना होगा।
डीसी ने यह भी बताया कि अतिक्रमण रोधी अभियान केवल शहरी क्षेत्रों तक सीमित नहीं होगा, बल्कि ग्रामीण और उपनगर क्षेत्रों में भी अवैध कब्जों की पहचान और कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने को कहा कि कानून और नियमों का पालन करते हुए सभी अतिक्रमण हटाए जाएं।
स्थानीय नागरिकों ने डीसी की पहल की सराहना की और कहा कि इससे शहर की साफ-सफाई और प्रशासनिक व्यवस्था में सुधार होगा। विशेषज्ञों का मानना है कि अतिक्रमण के खिलाफ सामूहिक और संयुक्त प्रयास से ही इस समस्या को स्थायी रूप से नियंत्रित किया जा सकता है।