Jammu.जम्मू: पतंजलि विश्वविद्यालय ने हाल ही में आदिवासी समुदायों के सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए एक विशेष शिविर का आयोजन किया। यह शिविर सामाजिक जागरूकता, शिक्षा और कौशल विकास के माध्यम से आदिवासी समुदायों के जीवन स्तर को सुधारने पर केंद्रित था। विश्वविद्यालय के अधिकारियों ने बताया कि इस शिविर में विभिन्न आदिवासी समूहों के लोग शामिल हुए और उन्हें शिक्षा, स्वास्थ्य, वित्तीय साक्षरता और स्वरोजगार के अवसरों के बारे में जानकारी दी गई। शिविर का उद्देश्य था कि समुदाय के लोग आत्मनिर्भर बनें और सामाजिक, आर्थिक और शैक्षिक रूप से मजबूत हों।
शिविर के दौरान विभिन्न कार्यशालाओं और सत्रों का आयोजन किया गया। इनमें शिक्षा के महत्व, बच्चों की पढ़ाई और उच्च शिक्षा में अवसरों के बारे में जानकारी दी गई। इसके अलावा, स्वास्थ्य और स्वच्छता, पोषण, महिला सशक्तिकरण और सरकारी योजनाओं के लाभों पर भी चर्चा की गई। पतंजलि विश्वविद्यालय के प्रोफेसर ने कहा, “इस शिविर का उद्देश्य आदिवासी समुदायों को आत्मनिर्भर बनाना और उन्हें विकास की दिशा में आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक संसाधन और जानकारी प्रदान करना है। हम चाहते हैं कि हर व्यक्ति अपने जीवन को बेहतर बना सके और समाज में योगदान दे सके।”
विशेषज्ञों ने बताया कि ऐसे शिविर आदिवासी समुदायों के सामाजिक और आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ये कार्यक्रम न केवल उनकी जागरूकता बढ़ाते हैं बल्कि उन्हें सरकारी योजनाओं, शिक्षा और रोजगार के अवसरों से जोड़ते हैं। शिविर में युवाओं को कौशल विकास, डिजिटल साक्षरता, कृषि तकनीक, हस्तशिल्प और स्वरोजगार के अवसरों के बारे में जानकारी दी गई। इसके अलावा, महिलाओं के लिए विशेष सत्र आयोजित किए गए, ताकि वे भी आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकें और समाज में सक्रिय योगदान दे सकें। विश्वविद्यालय के अधिकारियों ने बताया कि यह शिविर विश्वविद्यालय और स्थानीय प्रशासन के सहयोग से आयोजित किया गया था। इस तरह के शिविर नियमित रूप से आयोजित किए जाते हैं ताकि आदिवासी समुदायों की समस्याओं और आवश्यकताओं को समझा जा सके और उन्हें बेहतर सहायता प्रदान की जा सके।