JAMMU जम्मू-कश्मीर: हजरतबल दरगाह में अशोक स्तंभ के अपमान को लेकर राजनीति तेज हो गई है। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने इसे देश की अस्मिता पर चोट बताते हुए कांग्रेस, आरजेडी और इंडिया गठबंधन पर तीखा हमला बोला। गिरिराज सिंह ने कहा कि हजरतबल में केवल अशोक सम्राट का चिह्न नहीं तोड़ा गया है, बल्कि भारत का दिल तोड़ा गया है। यह बिहार और उत्तर प्रदेश समेत पूरे देश की अस्मिता को ठेस पहुंचाने वाली घटना है। उन्होंने कांग्रेस और तेजस्वी यादव से सवाल किया कि वे आखिर बिहार को कितनी बार अपमानित करेंगे और प्रधानमंत्री तक के लिए अभद्र भाषा का इस्तेमाल क्यों करते हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने अपने मंच पर उन नेताओं को बुलाया जो हमेशा बिहार और हिंदू समाज का अपमान करते रहे हैं। सिंह ने कहा कि स्टालिन और रेवंत रेड्डी को बुलाकर अमर्यादित टिप्पणियां करवाई गईं और अब कश्मीर में अशोक स्तंभ का अपमान किया गया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि राहुल गांधी फारूक अब्दुल्ला की नेशनल कांफ्रेंस से सरकार अलग नहीं करते और अशोक स्तंभ प्रकरण पर माफी नहीं मांगते, तो यह स्पष्ट होगा कि उन्हें देश की अस्मिता की परवाह नहीं है।
इस मामले में बिहार के डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने भी विपक्ष पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि जिस सम्राट अशोक ने अखंड भारत का सपना देखा और अशोक चक्र को पहचान दी, उसी का स्तंभ कश्मीर में तोड़ा गया। इसे महागठबंधन द्वारा भारत और बिहार की अस्मिता का अपमान बताया। भाजपा के राष्ट्रीय सह-मीडिया प्रमुख और बिहार विधान परिषद के मुख्य सचेतक डॉ. संजय मयूख ने कहा कि केरल से कश्मीर तक अपमान और गाली-गलौज की राजनीति चल रही है, लेकिन बिहारवासी अब इसे और सहन नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि सम्राट अशोक केवल बिहार नहीं, बल्कि पूरे देश के प्रतीक हैं। बिहार लोकतंत्र की जननी है और अब उसका अपमान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
यह विवाद न केवल राष्ट्रीय प्रतीक के सम्मान का प्रश्न बन गया है, बल्कि आने वाले समय में केंद्र और विपक्ष के बीच राजनीतिक टकराव को और तेज कर सकता है।