Jammu.जम्मू:आगामी जनगणना 2027 को लेकर अमित ने हाल ही में पब्लिक सेंसस ऑफिस (पीसीओ) के अधिकारियों के साथ बैठक की और तैयारियों की समीक्षा की। बैठक का मुख्य उद्देश्य जनगणना की सटीकता, समय पर संचालन और तकनीकी तैयारियों को सुनिश्चित करना था। बैठक में अमित ने अधिकारियों से कहा कि जनगणना सिर्फ आंकड़े इकट्ठा करने का काम नहीं है, बल्कि यह देश की नीति निर्माण और विकास योजनाओं के लिए आधार तैयार करती है। उन्होंने जोर देकर कहा कि सभी विभागों को सुरक्षा, डेटा गोपनीयता और प्रशिक्षण पर विशेष ध्यान देना होगा।
अधिकारियों ने बैठक में बताया कि जनगणना 2027 के लिए तैयारियां पहले से ही शुरू कर दी गई हैं। इसमें घर-घर जाकर डेटा संग्रहण, डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म पर डेटा इंट्री, और जनगणना कर्मचारियों का प्रशिक्षण शामिल है। पीसीओ ने बताया कि केंद्र और राज्य स्तर पर सभी संसाधनों का समय पर उपयोग सुनिश्चित किया जाएगा।
अमित ने कहा कि तकनीकी नवाचार और डिजिटल टूल्स का इस्तेमाल इस बार की जनगणना में सटीक डेटा सुनिश्चित करने के लिए किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सेंसर डेटा की विश्वसनीयता और नागरिकों की गोपनीयता के लिए विशेष उपाय किए जाएं।
बैठक में जनगणना कर्मचारियों की संख्या, प्रशिक्षण कार्यक्रम, डेटा संग्रहण की प्रक्रिया और संभावित चुनौतियों पर भी चर्चा हुई। अमित ने अधिकारियों से कहा कि किसी भी प्रकार की बाधा या विलंब से बचने के लिए सभी प्रक्रियाएं पूर्व-निर्धारित और स्पष्ट होनी चाहिए।
अधिकारियों ने बताया कि जनगणना 2027 में डिजिटल सर्वेक्षण फॉर्म, मोबाइल एप्लिकेशन और ऑनलाइन मॉनिटरिंग सिस्टम का उपयोग किया जाएगा। इससे न केवल डेटा संग्रहण की प्रक्रिया तेज होगी, बल्कि त्रुटियों की संभावना भी कम होगी।
अमित ने इस दौरान कहा कि जनगणना सभी नागरिकों की भागीदारी पर निर्भर करती है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे जनगणना कर्मचारियों का सहयोग करें और सही जानकारी प्रदान करें। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जनगणना के प्रति जागरूकता अभियान और मीडिया प्रचार भी प्रभावी रूप से चलाया जाए।
बैठक के अंत में अमित ने यह स्पष्ट किया कि जनगणना 2027 का लक्ष्य समय पर और पारदर्शी ढंग से डेटा संग्रहित करना है। उन्होंने कहा कि यह आंकड़े देश की योजना, विकास और संसाधन वितरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।