श्रीनगर : जम्मू-कश्मीर के गांदरबल जिले में मंगलवार को अमरनाथ यात्रा के दौरान एक बड़ा सड़क हादसा हो गया। अमरनाथ श्रद्धालुओं को लेकर जा रही एक बस सड़क से फिसलकर गहरी खाई में गिर गई। इस दुर्घटना में कम से कम 30 यात्री घायल हो गए। हादसे के बाद पुलिस, राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF), बचाव दल और स्थानीय स्वयंसेवकों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया।
अधिकारियों के अनुसार, हादसा गांदरबल जिले के गुंड इलाके में हरिगनीवान के एस-मोड़ (S-Mode) के पास हुआ। बस में लगभग 40 अमरनाथ यात्री सवार थे, जो यात्रा पूरी करने के बाद अपने गंतव्य की ओर जा रहे थे। इसी दौरान चालक बस पर से नियंत्रण खो बैठा, जिसके कारण वाहन सड़क से फिसलकर खाई में जा गिरा।
प्रशासन ने बताया कि दुर्घटनाग्रस्त बस का पंजीकरण नंबर AR11 D5655 है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, हरिगनीवान के पास तीखे मोड़ पर बस असंतुलित हो गई और चालक उसे नियंत्रित नहीं कर सका। देखते ही देखते बस सड़क से नीचे खाई में जा गिरी, जिससे यात्रियों में चीख-पुकार मच गई।
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस, SDRF, स्थानीय प्रशासन और अन्य राहत एजेंसियों की टीमें तत्काल घटनास्थल पर पहुंचीं। स्थानीय लोगों ने भी बचाव कार्य में सक्रिय सहयोग दिया। बचावकर्मियों ने बस में फंसे यात्रियों को बाहर निकालकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया।
घायलों को प्राथमिक उपचार देने के बाद एंबुलेंस के जरिए नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया। चिकित्सकों ने कई यात्रियों को मामूली चोटें आने की पुष्टि की है, जबकि कुछ घायलों का इलाज विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में किया जा रहा है। प्रशासन ने सभी घायलों को आवश्यक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसा इतना अचानक हुआ कि यात्रियों को संभलने का मौका ही नहीं मिला। बस के खाई में गिरते ही आसपास मौजूद लोगों ने तत्काल राहत कार्य शुरू कर दिया और प्रशासन को सूचना दी। स्थानीय नागरिकों की तत्परता से कई यात्रियों को शीघ्र बाहर निकालने में मदद मिली।
अमरनाथ यात्रा के दौरान सुरक्षा और यात्री सुविधाओं को लेकर प्रशासन पहले से ही विशेष व्यवस्था करता है। यात्रा मार्ग पर पुलिस, सेना, अर्धसैनिक बल, स्वास्थ्य विभाग और आपदा प्रबंधन की टीमें लगातार तैनात रहती हैं। इसी व्यवस्था के कारण हादसे के तुरंत बाद राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया जा सका।
प्रशासन ने दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में बस चालक के वाहन पर नियंत्रण खोने को हादसे की वजह माना जा रहा है। हालांकि, अधिकारियों का कहना है कि तकनीकी खराबी, सड़क की स्थिति और अन्य संभावित कारणों की भी जांच की जाएगी।
विशेषज्ञों का कहना है कि पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा के दौरान तीखे मोड़, संकरी सड़कें और मौसम की बदलती परिस्थितियां दुर्घटनाओं का जोखिम बढ़ा देती हैं। ऐसे मार्गों पर वाहन चालकों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की आवश्यकता होती है।
हर वर्ष लाखों श्रद्धालु अमरनाथ यात्रा में भाग लेते हैं। यात्रा के दौरान प्रशासन की ओर से सुरक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और यातायात प्रबंधन के लिए व्यापक इंतजाम किए जाते हैं। इसके बावजूद पहाड़ी इलाकों में सड़क दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है, इसलिए यात्रियों और वाहन चालकों दोनों को सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।
हादसे के बाद प्रशासन ने घायलों के परिजनों को आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी की है। अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि सभी घायलों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराया जाएगा और दुर्घटना की विस्तृत जांच के बाद आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
फिलहाल राहत एवं बचाव अभियान पूरा कर लिया गया है और दुर्घटना के कारणों का पता लगाने के लिए संबंधित विभागों की टीमें जांच में जुटी हैं। इस हादसे ने एक बार फिर पहाड़ी मार्गों पर सुरक्षित यात्रा और सड़क सुरक्षा उपायों की आवश्यकता को रेखांकित किया है।