Kashmir.कश्मीर: कश्मीर के वेटलैंड्स में इस सर्दियों में लगभग 15 लाख प्रवासी पक्षियों का आगमन हुआ है। विशेषज्ञों ने कहा कि यह संख्या पिछले वर्षों के मुकाबले उल्लेखनीय रूप से अधिक है और क्षेत्र की जैव विविधता और पारिस्थितिक तंत्र के लिए सकारात्मक संकेत है।
कश्मीर के वेटलैंड्स, जो अपने अद्वितीय पारिस्थितिक तंत्र और पानी-पसंदीदा पक्षियों के लिए प्रसिद्ध हैं, में ह्यगम पक्षियों की संख्या सबसे अधिक दर्ज की गई। इसके अलावा, सादा बत्तख, लालसर बत्तख, और विभिन्न जलपक्षियों की बड़ी संख्या भी यहां देखी गई।
पर्यावरणविदों और वन अधिकारियों ने बताया कि प्रवासी पक्षियों का यह बड़ा आगमन क्षेत्र के लिए खुशखबरी है। यह न केवल जैविक विविधता को बढ़ाता है, बल्कि पर्यावरणीय संतुलन को भी बनाए रखने में मदद करता है। प्रवासी पक्षियों के आगमन से स्थानीय पारिस्थितिक तंत्र में कीट नियंत्रण, पौधों के परागण और खाद्य श्रृंखला का संतुलन सुनिश्चित होता है।
ह्यगम की अधिकतम उपस्थिति विशेष रूप से आकर्षक है। विशेषज्ञों ने बताया कि ह्यगम पानी के साफ और स्थिर आवास में रहना पसंद करते हैं, जो कश्मीर के वेटलैंड्स में उपलब्ध है। यह संकेत देता है कि क्षेत्र में पानी की गुणवत्ता अच्छी है और प्राकृतिक आवास सुरक्षित हैं।
वन विभाग और पर्यावरण संरक्षण संगठन भी इस प्रवास के आंकड़ों का रिकॉर्ड रख रहे हैं। उन्होंने स्थानीय निवासियों और पर्यटकों से आग्रह किया है कि वे पक्षियों के आवासों को सुरक्षित रखें और उनके प्राकृतिक परिवेश में किसी भी प्रकार की दखलअंदाजी से बचें।
स्थानीय किसानों और मछुआरों ने भी कहा कि प्रवासी पक्षियों का आगमन खेती और मछली पालन पर सकारात्मक असर डाल सकता है। पक्षियों के भोजन और प्रवास से स्थानीय पौधों और जल स्रोतों की वृद्धि होती है, जिससे समग्र पारिस्थितिक तंत्र को लाभ होता है।
विशेषज्ञों ने चेतावनी दी कि जलवायु परिवर्तन और आवास हानि की वजह से प्रवासी पक्षियों की संख्या प्रभावित हो सकती है। उन्होंने प्रशासन और नागरिकों से आग्रह किया कि कश्मीर के वेटलैंड्स की सुरक्षा और संरक्षण के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।