हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस मामलों की प्रभारी रजनी पाटिल ने पार्टी नेताओं को स्पष्ट संदेश दिया है कि जो नेता लगातार चुनाव हारते रहे हैं, उन्हें पार्टी में कोई पद देने या भविष्य के चुनावों के लिए टिकट देने से पहले उनके प्रदर्शन की विस्तृत समीक्षा की जाएगी। शुक्रवार को मंडी में पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य में होने वाले आगामी विधानसभा चुनावों के लिए पार्टी को नए चेहरों और ज़मीनी स्तर के कार्यकर्ताओं को मौका देना चाहिए, ताकि संगठन को मज़बूत किया जा सके।
रजनी ने कहा कि जो नेता पिछले दो-तीन चुनावों से लगातार हार रहे हैं, उन्हें टिकट या पार्टी पद के लिए अपने आप योग्य नहीं माना जाएगा। टिकट देने का कोई भी फैसला लेने से पहले उनके प्रदर्शन का बारीकी से आकलन किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि उम्मीदवार चुनने या पार्टी में पद देने का अधिकार किसी एक नेता के पास नहीं है - इसमें वे खुद, मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू या राज्य कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार भी शामिल नहीं हैं। उन्होंने कहा कि यह फैसला कांग्रेस आलाकमान लेगा।
रजनी ने बताया कि हर नेता के प्रदर्शन के सकारात्मक और नकारात्मक पहलुओं को अंतिम निर्णय के लिए केंद्रीय नेतृत्व के सामने रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि पार्टी को अपने नेताओं के प्रदर्शन का निष्पक्ष मूल्यांकन करना चाहिए और योग्य कार्यकर्ताओं को आगे बढ़ने का मौका देना चाहिए। उन्होंने आने वाली चुनौतियों का ज़िक्र करते हुए कहा कि कांग्रेस केवल नारों, बार-बार किए गए दावों या कागज़ी बयानों के दम पर दोबारा सत्ता में नहीं आ सकती। नेताओं और कार्यकर्ताओं को ज़मीनी स्तर पर जाना होगा, कड़ी मेहनत करनी होगी और लोगों के साथ सीधा संपर्क बनाना होगा।
रजनी ने कहा कि संगठन को मज़बूत करने के लिए वह वरिष्ठ कांग्रेस नेता कौल सिंह ठाकुर के साथ अलग-अलग इलाकों का दौरा करेंगी। उम्मीदवारों का चयन जनता से मिलने वाली प्रतिक्रिया (फीडबैक) के आधार पर किया जाएगा, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि पार्टी मज़बूत और सक्षम उम्मीदवारों को ही मैदान में उतारे। बैठक में 1 नवंबर को नई दिल्ली में होने वाली कांग्रेस की रैली की तैयारियों पर भी चर्चा हुई। पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा गया कि वे इस रैली में पारंपरिक हिमाचली टोपी पहनकर शामिल हों। उन्होंने केंद्र सरकार के कामकाज की आलोचना भी की।