हिमाचल के स्वास्थ्य और सामाजिक न्याय मंत्री धनी राम शांडिल ने बुधवार को 'समावेशी नीति संकल्प' शिखर सम्मेलन की तैयारी बैठक में वर्चुअल तरीके से हिस्सा लिया। दो दिवसीय इस शिखर सम्मेलन की अध्यक्षता केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार ने की। शांडिल ने कहा कि यह शिखर सम्मेलन राज्य को एक ऐसा राष्ट्रीय मंच प्रदान करेगा, जहां वह सामाजिक न्याय और अधिकारिता के क्षेत्र में अपनी अनूठी पहल और क्रांतिकारी प्रयासों को प्रदर्शित कर सकेगा। इन प्रयासों से समाज में ठोस और सकारात्मक बदलाव आ रहे हैं।
भारत सरकार का सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग, 18 और 19 नवंबर को नई दिल्ली के चाणक्यपुरी स्थित सुषमा स्वराज भवन में इस कार्यक्रम का आयोजन कर रहा है। शांडिल ने बताया कि यह शिखर सम्मेलन न केवल राज्य को अपने अनुभवों, उपलब्धियों और नवाचारी तौर-तरीकों को अन्य राज्यों के साथ साझा करने का मौका देगा, बल्कि केंद्र सरकार, अन्य राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा अपनाई गई बेहतरीन प्रथाओं से सीखने का एक बहुमूल्य अवसर भी प्रदान करेगा। मंत्री ने कहा कि इस शिखर सम्मेलन में मुख्य रूप से चार विषयों पर चर्चा होगी — 'नशा मुक्त भारत' के लिए नशीले पदार्थों की रोकथाम और मांग में कमी; सुलभ छात्रवृत्तियां और सशक्त विद्यार्थी; दिव्यांगता के बोझ को कम करने के लिए शुरुआती हस्तक्षेप; और 'विकसित भारत' के लिए 'सुगम्य भारत'। इन चर्चाओं का मुख्य केंद्र दिव्यांगजनों के लिए सुलभता, समावेशन और बाधा-मुक्त वातावरण का निर्माण करना होगा।