Himachal Pradesh.हिमाचल प्रदेश: हिमाचल प्रदेश शिक्षा बोर्ड ने एक नई पहल की घोषणा की है। बोर्ड अब दसवीं और बारहवीं की परीक्षाओं के लिए ब्लॉकचेन-सपोर्टेड और QR-कोडेड सर्टिफिकेट जारी करेगा। इस पहल का उद्देश्य प्रमाणपत्रों की सुरक्षा बढ़ाना और उनकी सत्यता को सुनिश्चित करना है।
बोर्ड के अधिकारियों ने बताया कि इस नई प्रणाली से छात्रों के प्रमाणपत्र को नकली या धोखाधड़ी से बचाने में मदद मिलेगी। QR कोड की मदद से कोई भी संस्था या व्यक्ति सीधे प्रमाणपत्र की वैधता की जांच कर सकेगा। वहीं, ब्लॉकचेन तकनीक इसे सुरक्षित और अनछेदीable बनाती है, जिससे किसी भी तरह का फर्जीवाड़ा असंभव होगा।
शिक्षा बोर्ड के सचिव ने कहा, “यह कदम डिजिटल इंडिया की पहल के अनुरूप है। अब हमारे छात्र और उनके अभिभावक सुनिश्चित हो सकेंगे कि उनका प्रमाणपत्र सुरक्षित, प्रमाणित और तुरंत सत्यापित है। इससे विद्यार्थियों की शिक्षा यात्रा में भी पारदर्शिता आएगी।”
विशेषज्ञों का कहना है कि ब्लॉकचेन तकनीक का उपयोग शिक्षा प्रमाणपत्रों में क्रांति ला सकता है। यह न केवल प्रमाणपत्र की सुरक्षा बढ़ाता है, बल्कि भविष्य में नौकरी, उच्च शिक्षा या विदेश आवेदन के लिए सत्यापन प्रक्रिया को भी सरल बनाता है।
इस पहल के तहत, बोर्ड सभी नए प्रमाणपत्रों पर यूनिक QR कोड और डिजिटल ब्लॉकचेन ट्रैकिंग लागू करेगा। अधिकारी यह भी बता रहे हैं कि पुराने प्रमाणपत्रों के लिए सत्यापन प्रणाली को डिजिटल रूप से जोड़ने की योजना बनाई जा रही है।
छात्रों और अभिभावकों ने इस कदम को सकारात्मक और स्वागत योग्य बताया है। उनका कहना है कि अब परीक्षा प्रमाणपत्र की सत्यता और सुरक्षा की चिंता समाप्त होगी, और इसे ऑनलाइन या ऑफलाइन माध्यम से किसी भी संस्था को प्रमाणित करना आसान होगा।
शिक्षा बोर्ड ने यह भी स्पष्ट किया कि QR-कोड और ब्लॉकचेन तकनीक का उपयोग छात्रों की निजता और डेटा सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए किया जाएगा। इस नई प्रणाली से बोर्ड प्रमाणपत्र जारी करने की प्रक्रिया में तेजी और पारदर्शिता सुनिश्चित करेगा।