Hamirpur अधिकारियों ने रविवार को बताया कि कैंसर के खिलाफ लड़ाई में जागरूकता और समय पर जांच (स्क्रीनिंग) सबसे प्रभावी हथियार साबित हुए हैं। हिमाचल के हमीरपुर जिले में पिछले तीन वर्षों के दौरान कैंसर से पीड़ित 470 से अधिक लोगों की पहचान की गई है। हमीर्पुर के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) डॉ. सतीश कुमार ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की स्क्रीनिंग पहल के जरिए पिछले तीन वर्षों में जिले में 474 कैंसर मरीजों की पहचान की गई है - 2024 में 197, 2025 में 152, और जून 2026 तक लगभग 125 मरीज मिले हैं।
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे लक्षणों को नजरअंदाज न करें और बीमारी का शुरुआती चरण में पता लगाने के लिए नियमित जांच करवाएं। विभाग कैंसर की पहचान को आसान बनाने के लिए जिले के हर गांव तक अपनी पहुंच बढ़ा रहा है। 'आयुष्मान आरोग्य मंदिरों' (स्वास्थ्य और कल्याण केंद्रों), विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों और विशेष चिकित्सा शिविरों के माध्यम से स्क्रीनिंग अभियान चलाए जा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि इस प्रयास में कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर (CHO) और आशा (ASHA) कार्यकर्ता अहम भूमिका निभा रहे हैं। CHO उप-केंद्र स्तर पर स्क्रीनिंग कर रहे हैं, जबकि आशा कार्यकर्ता घर-घर जाकर एक तय प्रश्नावली (questionnaire) के जरिए संभावित लक्षणों के बारे में जानकारी जुटा रही हैं। जिन लोगों में संदिग्ध लक्षण दिखाई देते हैं, उन्हें आगे की जांच के लिए स्वास्थ्य केंद्रों पर जाने की सलाह दी जाती है। 'गैर-संचारी रोगों की रोकथाम और नियंत्रण के लिए राष्ट्रीय कार्यक्रम' के तहत, 30 वर्ष और उससे अधिक आयु के लोगों की नियमित स्क्रीनिंग की जा रही है।
इसमें मुंह, स्तन और सर्वाइकल कैंसर की स्क्रीनिंग पर विशेष जोर दिया जा रहा है। जागरूकता शिविरों के जरिए स्वास्थ्य विभाग लोगों को कैंसर के शुरुआती संकेतों के बारे में भी शिक्षित कर रहा है, ताकि शरीर में होने वाले किसी भी असामान्य बदलाव को नजरअंदाज न किया जाए। CMO ने बताया कि नादौन के सिविल अस्पताल और हमीरपुर के मेडिकल कॉलेज में कीमोथेरेपी की सुविधा उपलब्ध है। स्वास्थ्य विभाग ने कैंसर-रोधी 42 तरह की दवाओं की व्यवस्था की है। इन केंद्रों पर मरीजों को कीमोथेरेपी के साथ-साथ फॉलो-अप देखभाल भी मिलती है। इसके लिए मरीजों को अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत नहीं पड़ती; अपना निर्धारित इलाज कराने के बाद, उन्हें उसी दिन घर भेज दिया जाता है। जिले में पहचाने गए कैंसर मरीजों का इलाज यहीं चल रहा है। हालांकि, उन्होंने बताया कि कुछ मरीज बेहतर या विशेष इलाज के लिए दूसरे जिलों के स्वास्थ्य संस्थानों में जाना भी चुन रहे हैं।
Tags: