कुल्लू: हिमाचल प्रदेश में पर्यटन गतिविधियों को एक बार फिर रफ्तार मिलने लगी है। प्रदेश में 15 जुलाई से बंद पड़ी साहसिक खेल गतिविधियां बुधवार 16 सितंबर से दोबारा शुरू हो गई हैं। एडवेंचर टूरिज्म शुरू होने से कुल्लू-मनाली समेत प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों पर पर्यटकों की आवाजाही बढ़ने की उम्मीद है।
लंबे इंतजार के बाद पैराग्लाइडिंग, रिवर राफ्टिंग जैसे रोमांचक खेलों की शुरुआत होने से पर्यटन कारोबारियों और स्थानीय युवाओं में भी उत्साह देखा जा रहा है। इन गतिविधियों के शुरू होने से होटल, टैक्सी, गाइड और अन्य पर्यटन व्यवसायों को भी लाभ मिलने की संभावना है।
सोलंगनाला में शुरू हुई पैराग्लाइडिंग
कुल्लू जिले के मनाली से करीब 12 किलोमीटर दूर स्थित सोलंगनाला घाटी में पैराग्लाइडिंग की शुरुआत कर दी गई है। सोलंगनाला को पैराग्लाइडिंग के लिए प्रदेश की सबसे सुरक्षित जगहों में से एक माना जाता है।
यहां हर साल बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं और आसमान में उड़ान भरने के रोमांच का आनंद लेते हैं। पैराग्लाइडिंग शुरू होने के बाद सोलंगनाला में पर्यटकों की गतिविधियां बढ़ने लगी हैं।
हालांकि कुल्लू जिले के मढ़ी, मझाच और फोजल जैसे पर्यटन स्थलों पर भी पैराग्लाइडिंग की सुविधा उपलब्ध है, लेकिन पर्यटकों की पहली पसंद अक्सर सोलंगनाला ही रहता है। यहां प्राकृतिक सुंदरता, ऊंचे पहाड़ और मौसम की अनुकूल परिस्थितियां इस साहसिक खेल के लिए बेहतर माहौल उपलब्ध कराती हैं।
युवाओं को मिलेगा रोजगार का अवसर
एडवेंचर स्पोर्ट्स से कुल्लू जिले के सैकड़ों युवा जुड़े हुए हैं। पर्वतारोहण संस्थान मनाली से प्रशिक्षण प्राप्त कई युवा पैराग्लाइडिंग और अन्य साहसिक गतिविधियों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
इन गतिविधियों के दोबारा शुरू होने से प्रशिक्षित युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। इसके अलावा स्थानीय पर्यटन कारोबार को मजबूती मिलेगी।
पर्यटन विशेषज्ञों का मानना है कि एडवेंचर स्पोर्ट्स हिमाचल की पर्यटन अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। इससे पर्यटकों को नए अनुभव मिलते हैं और स्थानीय लोगों की आय में भी वृद्धि होती है।
ब्यास नदी में रिवर राफ्टिंग का रोमांच
पैराग्लाइडिंग के साथ-साथ कुल्लू-मनाली में रिवर राफ्टिंग भी शुरू हो गई है। ब्यास नदी में राफ्टिंग शुरू होने के बाद कुल्लू-मनाली हाईवे के आसपास फिर से रौनक लौटने लगी है।
भुंतर से कुल्लू-मनाली के बीच बबेली और पिरड़ी रिवर राफ्टिंग के प्रमुख केंद्र माने जाते हैं। यहां देश-विदेश से आने वाले पर्यटक तेज बहाव वाली ब्यास नदी में राफ्टिंग का रोमांच महसूस करते हैं।
रिवर राफ्टिंग शुरू होने से साहसिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और क्षेत्र में आने वाले पर्यटकों की संख्या में भी बढ़ोतरी होने की उम्मीद है।
पर्यटन कारोबार को मिलेगी नई गति
हिमाचल प्रदेश में पर्यटन लाखों लोगों की आजीविका का प्रमुख साधन है। एडवेंचर गतिविधियों के बंद रहने से पर्यटन कारोबार पर असर पड़ा था। अब इनके शुरू होने से पर्यटन क्षेत्र से जुड़े लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है।
होटल संचालक, टैक्सी ऑपरेटर, दुकानदार और एडवेंचर स्पोर्ट्स से जुड़े लोग पर्यटकों की संख्या बढ़ने की उम्मीद कर रहे हैं।
सुरक्षा मानकों का रखा जाएगा ध्यान
साहसिक खेलों के संचालन में सुरक्षा को सबसे अधिक प्राथमिकता दी जाती है। पैराग्लाइडिंग और रिवर राफ्टिंग के दौरान प्रशिक्षित कर्मचारियों की मौजूदगी, उपकरणों की जांच और मौसम की स्थिति को ध्यान में रखा जाता है।
प्रशासन और संबंधित विभागों की ओर से भी समय-समय पर सुरक्षा मानकों की निगरानी की जाती है, ताकि पर्यटक सुरक्षित तरीके से इन गतिविधियों का आनंद ले सकें।
एडवेंचर टूरिज्म की शुरुआत के साथ कुल्लू-मनाली में पर्यटन सीजन को नई ऊर्जा मिलने की उम्मीद है। पैराग्लाइडिंग और रिवर राफ्टिंग जैसी गतिविधियां पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बनेंगी और हिमाचल के पर्यटन को नई ऊंचाई देने में मदद करेंगी।