शिमला। हिमाचल प्रदेश में मौसम एक बार फिर करवट लेने वाला है। पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से राज्य में 13 अक्टूबर की देर शाम से 15 अक्टूबर तक बारिश और बर्फबारी की संभावना जताई गई है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के वरिष्ठ वैज्ञानिक संदीप कुमार शर्मा ने रविवार को बताया कि आगामी दिनों में राज्य के कई हिस्सों में मौसम की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। इस दौरान मध्यम ऊंचाई वाले पहाड़ी क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ आंधी-तूफान और बिजली गिरने की संभावना है। वहीं, चंबा, कांगड़ा, लाहौल-स्पीति और कुल्लू जिलों के ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी हो सकती है।मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से हिमाचल प्रदेश में पिछले 24 घंटों के दौरान भी बारिश और बर्फबारी दर्ज की गई। राज्य के विभिन्न हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हुई, जबकि ऊंचाई वाले पहाड़ी क्षेत्रों और दर्रों में बर्फबारी देखने को मिली। सुंदरनगर में सबसे अधिक 40 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा कांगड़ा, बिलासपुर और ऊना जिलों में भी मध्यम बारिश हुई।
13 अक्टूबर की शाम से फिर सक्रिय होगा पश्चिमी विक्षोभ
मौसम वैज्ञानिक संदीप कुमार शर्मा ने बताया कि 13 अक्टूबर की देर शाम से एक और पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव हिमाचल प्रदेश के मौसम पर पड़ सकता है। इसके चलते राज्य में बारिश और बर्फबारी की गतिविधियां फिर तेज होने की संभावना है।उन्होंने बताया कि इस मौसम प्रणाली का प्रभाव 15 अक्टूबर तक बना रह सकता है। इस दौरान राज्य के अलग-अलग हिस्सों में मौसम की स्थिति बदल सकती है।विशेष रूप से मध्यम ऊंचाई वाले पहाड़ी जिलों में बारिश के साथ गरज-चमक और बिजली गिरने की संभावना जताई गई है।मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी और निचले इलाकों में बारिश होने की संभावना है।
12 अक्टूबर को अधिकांश इलाकों में मौसम साफ रहने की उम्मीद
संदीप कुमार शर्मा ने बताया कि 12 अक्टूबर को हिमाचल प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मौसम काफी हद तक साफ रहने की संभावना है।हालांकि, शाम या रात के समय कुछ क्षेत्रों में हल्की बारिश हो सकती है।उन्होंने कहा, "12 अक्टूबर को राज्य भर में मौसम काफी हद तक साफ रहने की उम्मीद है। हालांकि, देर शाम या रात के समय कांगड़ा, मंडी और आसपास के इलाकों में एक-दो जगहों पर हल्की बारिश हो सकती है।"इस प्रकार 12 अक्टूबर को मौसम अपेक्षाकृत शांत रहने के बाद अगले दिन से फिर बदलाव देखने को मिल सकता है।
चंबा, कुल्लू और लाहौल-स्पीति में बर्फबारी के आसार
मौसम विभाग ने हिमाचल प्रदेश के ऊंचाई वाले जिलों में बर्फबारी की संभावना जताई है।संदीप कुमार शर्मा के अनुसार, 13 से 15 अक्टूबर के बीच चंबा, कांगड़ा, लाहौल-स्पीति और कुल्लू जिलों के ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फ गिर सकती है।इन जिलों में कई ऊंचे पर्वतीय क्षेत्र और दर्रे स्थित हैं, जहां तापमान कम होने पर बारिश के बजाय बर्फबारी की परिस्थितियां बन सकती हैं।पिछले 24 घंटों के दौरान भी इन जिलों के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी दर्ज की गई थी।अब नए पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से एक बार फिर इन इलाकों में मौसम बदलने का अनुमान है।
15 अक्टूबर को मैदानी जिलों में भी बारिश की संभावना
मौसम विभाग के अनुसार, 15 अक्टूबर को हिमाचल प्रदेश के मैदानी और आसपास के क्षेत्रों में भी बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं।विशेष रूप से ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, सिरमौर और सोलन जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होने का अनुमान है।इन जिलों में मौसम बदलने के साथ गरज-चमक की गतिविधियां भी देखने को मिल सकती हैं। विभाग ने कुछ स्थानों पर आंधी-तूफान और बिजली गिरने की संभावना जताई है।मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, 14 और 15 अक्टूबर को राज्य के विभिन्न हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं।
सुंदरनगर में दर्ज हुई 40 मिलीमीटर बारिश
मौसम वैज्ञानिक संदीप कुमार शर्मा द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, पिछले बारिश के दौर में सुंदरनगर में सबसे अधिक 40 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई।कांगड़ा, बिलासपुर और ऊना में भी मध्यम बारिश हुई। वहीं, चंबा, कांगड़ा, लाहौल-स्पीति और कुल्लू के ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी दर्ज की गई।बारिश और बर्फबारी की वजह से पहाड़ी क्षेत्रों में मौसम ठंडा हो गया है। अब नए पश्चिमी विक्षोभ के कारण एक बार फिर तापमान और मौसम की स्थिति में बदलाव देखने को मिल सकता है।
क्या होता है पश्चिमी विक्षोभ?
पश्चिमी विक्षोभ एक मौसमी प्रणाली है, जो पश्चिम दिशा से आगे बढ़ते हुए उत्तर भारत के मौसम को प्रभावित करती है।इसके प्रभाव से हिमालयी क्षेत्रों में बारिश और बर्फबारी होती है। कई बार उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में भी बादल छाने, बारिश होने और गरज-चमक जैसी गतिविधियां देखने को मिलती हैं।हिमाचल प्रदेश में अक्टूबर के दौरान पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी की परिस्थितियां बन सकती हैं।मौसम विभाग ने वर्तमान बदलाव का कारण भी पश्चिमी विक्षोभ को बताया है।
पहाड़ी इलाकों में यात्रा के दौरान सावधानी जरूरी
बारिश और बर्फबारी की संभावना को देखते हुए ऊंचाई वाले क्षेत्रों की यात्रा करने वाले लोगों को मौसम की ताजा जानकारी पर ध्यान देना चाहिए।पहाड़ी सड़कों पर बारिश के दौरान फिसलन बढ़ सकती है। वहीं, बर्फबारी वाले इलाकों में यात्रा की परिस्थितियां बदल सकती हैंगरज-चमक और बिजली गिरने की स्थिति में खुले स्थानों तथा ऊंचे पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचना चाहिए।मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, 13 अक्टूबर की देर शाम से 15 अक्टूबर तक हिमाचल प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में बारिश और बर्फबारी का दौर देखने को मिल सकता है।फिलहाल राज्य के लोगों और पर्यटकों के लिए आगामी दिनों का मौसम महत्वपूर्ण रहेगा। बारिश, बर्फबारी और आंधी-बिजली की संभावना को देखते हुए यात्रा तथा बाहरी गतिविधियों की योजना मौसम की अद्यतन जानकारी के अनुसार बनाना उचित होगा।
Tags: