ऑकलैंड हाउस की पृथा ने राष्ट्रमंडल लेखन प्रतियोगिता में जीता स्वर्ण पदक
ऑकलैंड हाउस स्कूल की 12वीं कक्षा की छात्रा, पृथा डोगर ने 'द क्वीन्स कॉमनवेल्थ राइटिंग कॉम्पिटिशन-2026' में प्रतिष्ठित 'गोल्ड अवार्ड' जीता है। यह युवाओं के लिए कॉमनवेल्थ की सबसे पुरानी और जानी-मानी अंतरराष्ट्रीय लेखन प्रतियोगिताओं में से एक है। उन्हें यह पुरस्कार उनकी रचना 'सोल्स ट्रांसलेटेड' (Souls Translated) के लिए दिया गया। इस रचना में उन्होंने बताया है कि कैसे लोगों की व्यक्तिगत रुचियां, अलग-अलग संस्कृतियों और समुदायों के लोगों को आपस में जोड़ने का काम करती हैं।
इस साल प्रतियोगिता की थीम 'कॉमन ग्राउंड: बेटर टुगेदर' (Common Ground: Better Together) थी। इसके जरिए युवा लेखकों से उन साझा मूल्यों, अनुभवों और आकांक्षाओं पर विचार करने को कहा गया था, जो कॉमनवेल्थ के विविध देशों के लोगों को एक साथ जोड़ते हैं। पृथा ने अपनी रचना में 'शौक' (hobby) के विषय को आधार बनाया और बताया कि कैसे कोई शौक, सांस्कृतिक और भौगोलिक अंतर के बावजूद, एक व्यक्ति को स्थानीय स्तर पर या पूरे कॉमनवेल्थ में अन्य लोगों से जोड़ सकता है।
पृथा ने बताया कि उन्हें पढ़ने का बहुत शौक है और वे रचनात्मक लेखन में गहरी रुचि रखती हैं। उन्होंने आगे कहा कि उन्हें इतिहास, राजनीति विज्ञान और अंतरराष्ट्रीय मामलों में भी दिलचस्पी है। उन्हें दुनिया को जानने और इसके विविध सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं को समझने में मज़ा आता है।
स्कूल की प्रिंसिपल स्मारकी सामंतराय ने पृथा को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह जीत पृथा के लिए बहुत मायने रखती है, क्योंकि पिछले साल इसी प्रतियोगिता में उन्होंने ब्रॉन्ज मेडल जीता था। उन्होंने कहा, "पृथा ने लेखन के प्रति अपना समर्पण, बौद्धिक विकास और लगन दिखाई है। 2026 के इस संस्करण में उनकी यह उपलब्धि वाकई खास है, क्योंकि इसमें कॉमनवेल्थ के 56 सदस्य देशों से रिकॉर्ड 53,840 प्रविष्टियां (entries) आई थीं।"