राज्य सरकार ने 'रेजिडेंट डॉक्टर्स पॉलिसी-2025' में संशोधन किया है। इसका उद्देश्य पोस्टग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च (PGIMER), चंडीगढ़ और ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (AIIMS), नई दिल्ली से अपनी डिग्री पूरी करने वाले पोस्टग्रेजुएट (PG) डॉक्टरों को राज्य के मेडिकल कॉलेजों में सीनियर रेजिडेंट/ट्यूटर स्पेशलिस्ट के खाली पदों पर नियुक्त करना है।
चिकित्सा शिक्षा विभाग द्वारा जारी एक अधिसूचना के अनुसार, ये नियुक्तियां MBBS और पोस्टग्रेजुएट परीक्षाओं में प्राप्त मेरिट के आधार पर की जाएंगी। इसके लिए कोई लिखित परीक्षा या साक्षात्कार (इंटरव्यू) नहीं लिया जाएगा। ये नियुक्तियां सीधे उम्मीदवारों (डायरेक्ट कैंडिडेट्स) के लिए आरक्षित 33.33 प्रतिशत कोटे के तहत की जाएंगी, जैसा कि राज्य सरकार ने 31 जनवरी, 2026 को अधिसूचित किया था। सरकार के एक प्रवक्ता ने बताया कि राज्य चिकित्सा शिक्षा को मजबूत करने, स्वास्थ्य सेवा के बुनियादी ढांचे को अपग्रेड करने और स्वास्थ्य सेवाओं की समग्र डिलीवरी में सुधार लाने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठा रहा है।
उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेजों को मजबूत करने, स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने और राज्य भर के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने के लिए योग्य और अनुभवी चिकित्सा पेशेवरों की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। प्रवक्ता ने आगे कहा कि सरकार गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुलभ बनाने के साथ-साथ चिकित्सा संस्थानों की क्षमता बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि वे कुशल और विश्वसनीय सेवाएं प्रदान कर सकें। उन्होंने कहा कि चिकित्सा शिक्षा में सुधार करने, संस्थागत ढांचे को मजबूत करने और राज्य में डॉक्टरों के लिए बेहतर पेशेवर अवसर पैदा करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
नीति में किए गए इस संशोधन को स्वास्थ्य प्रणाली को मजबूत करने की दिशा में एक और कदम बताते हुए, प्रवक्ता ने कहा कि इससे मेडिकल कॉलेजों में योग्य पोस्टग्रेजुएट डॉक्टरों की नियुक्ति आसान हो जाएगी। उन्होंने विश्वास जताया कि इस फैसले से राज्य में विशेषज्ञ चिकित्सा कर्मियों की उपलब्धता में सुधार होगा।