Kangra कांगड़ा के सांसद राजीव भारद्वाज ने गुरुवार को कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों पर वोटर लिस्ट के 'स्पेशल इंटेंसिव रिविजन' (SIR) को लेकर "झूठ और भ्रम" फैलाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भारत के चुनाव आयोग ने इस प्रक्रिया से जुड़े फैसले सर्वसम्मति से लिए थे। धर्मशाला में पत्रकारों से बात करते हुए भारद्वाज ने कहा कि 26 सितंबर को मुख्य चुनाव आयुक्त और दो चुनाव आयुक्तों की संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह साफ कर दिया गया था कि SIR को लेकर चुनाव आयोग के अंदर कोई मतभेद नहीं है।
उन्होंने फॉर्म 6 और उसके साथ दिए जाने वाले डिक्लेरेशन (घोषणा-पत्र) की ज़रूरत का भी बचाव किया। उन्होंने कहा कि वेरिफिकेशन प्रोसेस के दौरान हर योग्य वोटर को अपनी पहचान और नागरिकता साबित करनी होती है। चुनाव आयोग का वोटर सर्विस पोर्टल अभी अपनी SIR-2026 सेवाओं के तहत फॉर्म 6 और डिक्लेरेशन फॉर्म उपलब्ध कराता है। भारद्वाज ने कहा, "एक सांसद के तौर पर मुझे भी SIR फॉर्म भरना होता है और अपनी पहचान बतानी होती है। प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति और हर नागरिक को भी ऐसा ही करना होता है।" उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया को किसी के अपमान के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए।
प्रवासी मज़दूरों के बारे में उन्होंने कहा कि जो भारतीय नागरिक वोटर के तौर पर रजिस्टर होने के योग्य हैं, उन्हें चुनावी प्रक्रिया में शामिल होने का अधिकार है, जबकि दूसरे देशों से आए "घुसपैठियों" को ऐसा कोई अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रवासी मज़दूरों को तय प्रक्रिया के तहत बस अपनी पहचान साबित करनी होती है। भारद्वाज ने चुनाव आयोग और अन्य स्वतंत्र संस्थाओं की आलोचना करने पर लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर निशाना साधा। उन्होंने राहुल गांधी और विपक्ष के अन्य नेताओं पर संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता पर बार-बार सवाल उठाने का आरोप लगाया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ऐसे मुद्दों का इस्तेमाल अपने चुनावी प्रदर्शन से ध्यान भटकाने के लिए कर रही है।
उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग की ज़िम्मेदारी निष्पक्ष चुनाव कराना है और राजनीतिक दलों से लोकतांत्रिक संस्थाओं की स्वायत्तता का सम्मान करने की अपील की। भारद्वाज ने कहा कि कांगड़ा और चंबा को लेकर पत्रकारों द्वारा उठाए गए प्रशासनिक मुद्दों पर अलग से बात की जा सकती है, लेकिन उन्होंने कहा कि SIR मूल रूप से वोटर की पहचान और वेरिफिकेशन की प्रक्रिया है। भारद्वाज ने आरोप लगाया कि सर्जिकल स्ट्राइक और 2022 की तवांग झड़प को लेकर राहुल गांधी के दावों को अदालतों ने खारिज कर दिया था।