सिरमौर में अवैध खदान पर भारी भूस्खलन, मलबे में तीन लोगों के दबने की आशंका
नाहन। हिमाचल प्रदेश के जिला सिरमौर में लगातार हो रही भारी बारिश के बीच एक बड़ा हादसा सामने आया है। शिलाई विधानसभा क्षेत्र के कफोटा के समीप एक खदान में भारी भूस्खलन होने से तीन लोगों के मलबे में दबने की सूचना मिली है। हादसे के बाद प्रशासन ने राहत और बचाव अभियान शुरू कर दिया है।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, जिस खदान में भूस्खलन हुआ है, वह कथित तौर पर अवैध रूप से संचालित की जा रही थी। बारिश के कारण पहाड़ी क्षेत्र की मिट्टी कमजोर हो गई और अचानक बड़ी मात्रा में मलबा खिसककर खदान में जा गिरा। हादसे के समय वहां मौजूद तीन लोग इसकी चपेट में आ गए।
बताया जा रहा है कि मलबे में दबने वालों में एक वाहन चालक और दो नेपाल मूल के लोग शामिल हैं। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय प्रशासन और राहत टीमें मौके पर पहुंचीं और बचाव कार्य शुरू किया गया।
तेज बारिश बनी रेस्क्यू में बाधा
शिलाई के एसडीएम जसपाल ने बताया कि प्रशासन की रेस्क्यू टीम घटनास्थल पर पहुंच चुकी है। हालांकि, इलाके में लगातार हो रही तेज बारिश के कारण बचाव अभियान में मुश्किलें आ रही हैं। सुरक्षा को देखते हुए कुछ समय के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन रोकना पड़ा।
प्रशासन का कहना है कि मौसम की स्थिति में सुधार होते ही दोबारा बचाव कार्य तेज किया जाएगा। मौके पर मौजूद टीमें लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं।
खतरनाक बना पहाड़ी क्षेत्र
सिरमौर जिले के पहाड़ी इलाकों में मानसून के दौरान भूस्खलन की घटनाएं बढ़ जाती हैं। लगातार बारिश के कारण पहाड़ों की मिट्टी कमजोर हो जाती है, जिससे अचानक जमीन खिसकने का खतरा बढ़ जाता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, अवैज्ञानिक तरीके से की जाने वाली खुदाई और अवैध खनन गतिविधियां ऐसे हादसों का खतरा और बढ़ा देती हैं। पहाड़ी क्षेत्रों में खनन के लिए तय नियमों का पालन नहीं होने पर मिट्टी और चट्टानों की स्थिरता प्रभावित होती है।
अवैध खनन पर उठे सवाल
कफोटा के समीप हुई इस घटना के बाद अवैध खनन को लेकर सवाल उठने लगे हैं। प्रशासन अब इस बात की भी जांच करेगा कि खदान किसकी अनुमति से संचालित हो रही थी और वहां सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा था या नहीं।
यदि जांच में नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। प्रशासन का कहना है कि हादसे के कारणों की विस्तृत जांच की जाएगी।
स्थानीय लोगों ने दी सूचना
जानकारी के मुताबिक, घटना के बाद स्थानीय लोगों ने प्रशासन को इसकी सूचना दी। इसके बाद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। बचाव टीमों ने मलबे में दबे लोगों को निकालने के लिए अभियान शुरू किया।
स्थानीय लोग भी राहत कार्य में प्रशासन की मदद कर रहे हैं। हालांकि, बारिश और पहाड़ी इलाके की कठिन परिस्थितियों के कारण बचाव दल को चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।
प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की
सिरमौर प्रशासन ने बारिश के मौसम में लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। खासकर पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी गई है।
प्रशासन ने कहा है कि आपदा की स्थिति में तुरंत संबंधित विभागों को सूचना दी जाए, ताकि समय रहते राहत और बचाव कार्य शुरू किया जा सके।
फिलहाल घटनास्थल पर राहत और बचाव अभियान जारी है। प्रशासन की प्राथमिकता मलबे में दबे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना है। मौसम की स्थिति सामान्य होते ही रेस्क्यू ऑपरेशन को और तेज किया जाएगा।
इस हादसे ने एक बार फिर पहाड़ी क्षेत्रों में अवैध खनन और सुरक्षा मानकों की अनदेखी को लेकर चिंता बढ़ा दी है। अब सभी की नजर प्रशासन की जांच और बचाव अभियान के अगले चरण पर है।