चंबा। हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में शिक्षा, सड़क और ग्रामीण विकास को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई है। जिले में कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) के तहत 6 करोड़ 46 लाख रुपये की लागत से निर्मित 34 स्कूल भवनों का डिजिटल लोकार्पण किया गया है। इसके साथ ही प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के चौथे चरण (पीएमजीएसवाई-4) के तहत 551.22 करोड़ रुपये की लागत से 327 किलोमीटर लंबी 65 नई सड़कों का निर्माण किया जा रहा है। इन सड़कों के बनने से जिले के 76 दूरदराज गांवों को सड़क सुविधा का लाभ मिलेगा। विकास कार्यों की यह जानकारी शुक्रवार, 16 अक्टूबर 2026 को जिला मुख्यालय में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान सामने आई। बैठक की अध्यक्षता हिमाचल प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने की।
34 स्कूल भवनों का डिजिटल लोकार्पण
विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने कार्यक्रम के दौरान जिले में नवनिर्मित 34 सरकारी स्कूल भवनों का डिजिटल माध्यम से लोकार्पण किया।
इन भवनों के निर्माण पर कुल 6.46 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। इनमें 18 राजकीय प्राथमिक पाठशालाओं और 16 राजकीय उच्च पाठशालाओं के भवन शामिल हैं।
नए स्कूल भवनों से विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। विशेष रूप से ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों के बच्चों के लिए यह पहल महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
पर्वतीय क्षेत्रों में कई सरकारी स्कूलों के लिए पर्याप्त भवन और अन्य बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता एक चुनौती रही है। ऐसे में नए भवनों का निर्माण शिक्षण व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में उपयोगी कदम है।
551 करोड़ से विकसित होंगी 65 सड़कें
समीक्षा बैठक में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के चौथे चरण के अंतर्गत चल रही परियोजनाओं की भी जानकारी दी गई।
लोक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता जीत सिंह ठाकुर ने बताया कि जिले में 551.22 करोड़ रुपये की लागत से 65 सड़कों का निर्माण किया जा रहा है।
इनकी कुल लंबाई 327 किलोमीटर होगी। परियोजनाओं के पूरा होने के बाद 76 गांवों को सड़क संपर्क का लाभ मिलेगा।
चंबा जैसे पहाड़ी जिले में सड़क संपर्क ग्रामीण विकास के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। कई इलाकों में दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों के कारण लोगों को आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
नई सड़कों के निर्माण से स्थानीय लोगों को शिक्षा, स्वास्थ्य और बाजार तक पहुंचने में सुविधा मिलने की उम्मीद है।
दूरदराज गांवों तक पहुंचेगी बेहतर सुविधा
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों को मुख्य सड़क नेटवर्क से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
चंबा जिले में 76 गांवों को सड़क सुविधा मिलने से स्थानीय नागरिकों की दैनिक आवाजाही आसान हो सकती है।
विशेष रूप से किसानों, विद्यार्थियों, मरीजों और छोटे व्यापारियों को इसका लाभ मिलने की संभावना है।
सड़क संपर्क बेहतर होने से कृषि उत्पादों को बाजार तक पहुंचाने और आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति में भी सुविधा होगी।
हालांकि, इन परियोजनाओं का वास्तविक लाभ निर्धारित निर्माण कार्य पूरे होने के बाद ही मिलेगा।
विधानसभा अध्यक्ष ने विकास कार्यों की समीक्षा की
बैठक की अध्यक्षता करते हुए कुलदीप सिंह पठानिया ने विभिन्न विभागों की योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विकास परियोजनाओं को निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा किया जाए।
उन्होंने कहा कि जिन परियोजनाओं में थोड़ा काम शेष रह गया है, उन्हें प्राथमिकता देकर जल्द पूरा किया जाना चाहिए।
विधानसभा अध्यक्ष ने विभागीय अधिकारियों से बेहतर समन्वय बनाकर काम करने पर जोर दिया, ताकि सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर पात्र लोगों तक पहुंच सके।
बैठक में मनरेगा, ग्रामीण सड़क, स्वास्थ्य, स्वच्छता, पेयजल, विद्युतीकरण और अन्य योजनाओं की प्रगति पर चर्चा हुई।
जल शक्ति विभाग के 490 करोड़ के काम पूरे
समीक्षा बैठक में जल शक्ति विभाग की परियोजनाओं का विवरण भी प्रस्तुत किया गया।
विभाग के अधीक्षण अभियंता राजेश मोगरा ने बताया कि जिले में लगभग 490 करोड़ रुपये के विकास कार्य पूरे किए जा चुके हैं।
इसके अलावा 740 करोड़ रुपये की परियोजनाओं पर काम चल रहा है।
वहीं, 1,294 करोड़ रुपये की प्रस्तावित परियोजनाएं विभिन्न स्तरों पर स्वीकृति प्रक्रिया में हैं।
इन योजनाओं के माध्यम से जिले में पेयजल और अन्य जल संबंधी बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है।
मनरेगा में लक्ष्य से 29 प्रतिशत अधिक रोजगार
जिला विकास अधिकारी तविंद्र सिंह ने बैठक में मनरेगा के अंतर्गत हुए कार्यों की जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान जिले में 57.58 लाख कार्यदिवस का रोजगार उपलब्ध कराया गया।
इस अवधि के लिए 44.60 लाख कार्यदिवस का लक्ष्य निर्धारित किया गया था।
इस प्रकार जिले ने निर्धारित लक्ष्य से लगभग 29 प्रतिशत अधिक कार्यदिवस सृजित किए।
मनरेगा के अंतर्गत रोजगार उपलब्ध कराने पर लगभग 186.85 करोड़ रुपये खर्च किए गए।
यह योजना ग्रामीण परिवारों को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के साथ स्थानीय स्तर पर विकास कार्यों को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
प्रधानमंत्री आवास योजना का लक्ष्य पूरा
बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण की प्रगति की भी समीक्षा की गई।
अधिकारियों ने बताया कि जिले में निर्धारित 1,477 आवासों का लक्ष्य पूरा कर लिया गया है।
इस योजना का उद्देश्य पात्र ग्रामीण परिवारों को पक्के आवास उपलब्ध कराना है।
इसके अतिरिक्त ग्रामीण स्वच्छता, खाद्य सुरक्षा और सामाजिक कल्याण योजनाओं के क्रियान्वयन की भी समीक्षा की गई।
शिक्षा और स्वास्थ्य योजनाओं पर चर्चा
विधानसभा अध्यक्ष ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, मलेरिया नियंत्रण और टीबी नियंत्रण कार्यक्रमों की प्रगति का भी जायजा लिया।
बैठक में स्कूलों में मध्याह्न भोजन योजना तथा एकीकृत बाल विकास परियोजना के अंतर्गत संचालित कार्यक्रमों की समीक्षा की गई।
अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि स्वास्थ्य और पोषण संबंधी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाना सुनिश्चित किया जाए।
इसके अलावा पर्यावरण संरक्षण, पौधारोपण और स्वच्छ भारत अभियान से संबंधित कार्यों पर भी चर्चा हुई।
स्मार्ट मीटर लगाने का काम जारी
बिजली विभाग ने बैठक में विद्युत उपभोक्ताओं और स्मार्ट मीटर स्थापना की प्रगति प्रस्तुत की।
अधिकारियों के अनुसार, जिले में कुल 1,48,551 बिजली उपभोक्ता मीटर हैं।
इनमें से 17,434 स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं।
स्मार्ट मीटर व्यवस्था से बिजली खपत की निगरानी और बिलिंग प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित बनाने में सहायता मिलने की उम्मीद है।
अधिकारियों को समय पर कार्य पूरे करने के निर्देश
बैठक के दौरान विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने सभी विभागों को विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि जनहित से जुड़ी योजनाओं में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए।
विभागीय अधिकारियों को अधूरी परियोजनाओं की नियमित निगरानी करने और लंबित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने को कहा गया।
उपायुक्त मुकेश रेप्सवाल ने बैठक में दिए गए निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने का भरोसा दिलाया।
बैठक में विधायक नीरज नैयर सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और अन्य प्रतिनिधि मौजूद रहे।
चंबा के विकास को मिलेगी नई दिशा
चंबा जिले में शिक्षा और सड़क संपर्क को मजबूत करने वाली इन परियोजनाओं से ग्रामीण क्षेत्रों के विकास को गति मिलने की उम्मीद है।
34 नए स्कूल भवन विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराने में सहायक होंगे, जबकि 65 सड़कों के निर्माण से 76 गांवों की आवाजाही आसान हो सकेगी।
इसके अलावा पेयजल, रोजगार, आवास और बिजली से संबंधित योजनाओं के माध्यम से भी बुनियादी सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है।
प्रशासन के सामने अब प्रमुख चुनौती निर्माणाधीन परियोजनाओं को समय पर पूरा करना और उनकी गुणवत्ता सुनिश्चित करना है, ताकि विकास योजनाओं का वास्तविक लाभ ग्रामीण नागरिकों तक पहुंच सके।