Shimla आने वाले दिवाली त्योहार को देखते हुए, शिमला ज़िला प्रशासन ने कहा है कि बिना वैध लाइसेंस के किसी को भी पटाखे बेचने या स्टोर करने की इजाज़त नहीं होगी। डिप्टी कमिश्नर अनुपम कश्यप ने गुरुवार को ज़िले में पटाखों की बिक्री, स्टोरेज और सुरक्षा इंतज़ामों को लेकर संबंधित विभागों और स्टेकहोल्डर्स के साथ बैठक की अध्यक्षता करते हुए यह आदेश जारी किया।
डिप्टी कमिश्नर ने कहा कि ज़िले में पटाखों की बिक्री, स्टोरेज, ट्रांसपोर्टेशन और डिस्ट्रीब्यूशन की इजाज़त 'एक्सप्लोसिव्स एक्ट, 1884'; 'एक्सप्लोसिव्स रूल्स, 2008'; और सक्षम अधिकारी द्वारा जारी लाइसेंस और परमिट की शर्तों के अनुसार ही दी जाएगी। उन्होंने लोगों को सलाह दी कि वे पटाखे सिर्फ़ लाइसेंस प्राप्त निर्माताओं और अधिकृत सप्लायर से ही खरीदें।
कश्यप ने रिटेलर्स को निर्देश दिया कि वे ओपनिंग स्टॉक, खरीदी गई मात्रा, सप्लायर का नाम, बेची गई मात्रा और क्लोजिंग स्टॉक का सही रजिस्टर बनाए रखें। उन्होंने कहा, "ये रिकॉर्ड अधिकृत अधिकारियों द्वारा जांच के लिए उपलब्ध होने चाहिए।" उन्होंने कहा, "दुकान ग्राउंड फ्लोर पर होनी चाहिए और उसमें आने-जाने के लिए अलग रास्ता और इमरजेंसी एग्जिट होना चाहिए। दरवाज़े बाहर की तरफ़ खुलने चाहिए। दुकान तक फायरफाइटर्स की पहुंच होनी चाहिए और दुकान बेसमेंट, मेज़ानाइन या रिहायशी फ्लोर के नीचे नहीं होनी चाहिए। बिजली की वायरिंग सुरक्षित होनी चाहिए।"
कश्यप ने कहा, "साथ ही, दुकानों के आस-पास ज्वलनशील चीज़ें जमा नहीं होने देनी चाहिए और आने-जाने के रास्ते पूरी तरह खुले रहने चाहिए। पटाखों की दुकानों के अंदर या आस-पास धूम्रपान, माचिस, मोमबत्ती, तेल के दीये या आग पकड़ने वाली किसी भी चीज़ का इस्तेमाल मना है। दुकान में पटाखों को बेवजह छूने या संभालने से भी बचना चाहिए।"