Himachal उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने मंगलवार को कहा कि पूरे हिमाचल प्रदेश में 'किताब घर' का नेटवर्क स्थानीय लेखकों को पाठकों तक पहुँचने के लिए एक बड़ा मंच देगा और साथ ही राज्य की समृद्ध साहित्यिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत को भी दिखाएगा। अभी सात 'किताब घर' चल रहे हैं: गेयटी थिएटर, शिमला; देव सदन, कुल्लू; कला केंद्र, सोलन; लता मंगेशकर कला केंद्र, ऊना; संस्कृति सदन, हमीरपुर; और बिलासपुर व मंडी में। ऑडिटोरियम का काम पूरा होने के बाद सिरमौर जिले के नाहन और चंबा में दो और 'किताब घर' खोलने का प्रस्ताव है।
अग्निहोत्री ने कहा कि 'किताब घर' सिर्फ़ किताबें बेचने की जगह नहीं होंगे, बल्कि साहित्यिक बातचीत, पढ़ने और सांस्कृतिक गतिविधियों के केंद्र भी बनेंगे। इनमें भाषा, कला और संस्कृति विभाग और हिमाचल कला, संस्कृति और भाषा अकादमी द्वारा प्रकाशित किताबों और पत्रिकाओं के अलावा स्थानीय लेखकों की रचनाएँ और हिमाचल से जुड़ी अन्य किताबें भी उपलब्ध होंगी।
भाषा और संस्कृति विभाग की निदेशक रीमा कश्यप ने कहा कि लेखक बिक्री के लिए एक ही किताब की चार प्रतियाँ और ज़्यादा से ज़्यादा पाँच अलग-अलग किताबें जमा कर सकते हैं। 10 प्रतिशत कमीशन काटने के बाद, बिक्री से मिली रकम हर तिमाही के आखिर में RTGS के ज़रिए लेखक के बैंक खाते में भेज दी जाएगी। लेखकों को अपनी किताबों पर छूट तय करने की आज़ादी भी होगी। विभाग ने हिमाचल के लेखकों को अपनी प्रकाशित रचनाएँ 'किताब घर' में उपलब्ध कराने और अपने पाठकों का दायरा बढ़ाने के लिए आमंत्रित किया है।
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