Himachal Pradesh.हिमाचल प्रदेश: हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (एचपीयू) में हाल ही में हाइब्रिड युद्ध (Hybrid Warfare) पर एक विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया। इस व्याख्यान का उद्देश्य छात्रों, शोधकर्ताओं और शिक्षकों को आधुनिक युद्ध रणनीतियों, सुरक्षा और वैश्विक परिदृश्यों से अवगत कराना था।
विशेष व्याख्यान में विशेषज्ञों ने हाइब्रिड युद्ध की परिभाषा, इसके घटक और आधुनिक दुनिया में इसके प्रभावों पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि हाइब्रिड युद्ध केवल सैन्य संघर्ष तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें साइबर हमले, सूचना युद्ध, आर्थिक दबाव, और प्रोपेगैंडा जैसे तत्व भी शामिल हैं। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को यह समझाया गया कि आधुनिक युग में सैन्य शक्ति के साथ-साथ सूचना और डिजिटल रणनीतियों का कितना महत्व बढ़ गया है। व्याख्यान में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा पर प्रभाव डालने वाले हालिया उदाहरणों का विश्लेषण किया गया।
एचपीयू के डीन और कार्यक्रम आयोजक ने कहा कि इस तरह के व्याख्यान विद्यार्थियों को रणनीतिक सोच और सुरक्षा अध्ययन में गहन ज्ञान प्रदान करते हैं। उन्होंने छात्रों से अपील की कि वे ऐसे अवसरों का लाभ उठाएँ और देश की सुरक्षा और वैश्विक परिदृश्यों पर अपनी समझ बढ़ाएँ।
विशेषज्ञों ने कहा कि हाइब्रिड युद्ध में सामरिक, तकनीकी और मानसिक क्षमताओं का संतुलन आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों को चेतावनी दी कि भविष्य में ऐसे युद्ध और संघर्ष की चुनौतियों से निपटने के लिए तैयार रहना होगा।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने सक्रिय भागीदारी दिखाई और विशेषज्ञों से सवाल-जवाब के माध्यम से अपनी शंकाओं को दूर किया। उन्होंने इस व्याख्यान को ज्ञानवर्धक और प्रेरक बताया।
एचपीयू ने यह सुनिश्चित किया कि व्याख्यान न केवल शिक्षा के दृष्टिकोण से बल्कि सामाजिक और राष्ट्रीय जागरूकता के दृष्टिकोण से भी उपयोगी साबित हो। विश्वविद्यालय का उद्देश्य है कि छात्र रक्षा और सुरक्षा अध्ययन में विशेषज्ञता हासिल करें और राष्ट्रीय हितों में योगदान दें।