Himachal Pradesh.हिमाचल प्रदेश: हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड ने राज्य के सभी स्कूलों के छात्रों के लिए डिजिटल पहचान पत्र (Digital ID) बनाने की अंतिम तारीख 31 अगस्त तय कर दी है। यह पहल छात्रों की शैक्षणिक गतिविधियों को डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म पर जोड़ने और उनकी पहचान सुरक्षित करने के उद्देश्य से की गई है।
बोर्ड ने सभी स्कूलों और अभिभावकों को निर्देश दिए हैं कि वे सुनिश्चित करें कि उनके बच्चों की डिजिटल ID समय पर बनाई जाए। यह ID न केवल छात्र की शैक्षणिक जानकारी को सुरक्षित करेगी, बल्कि डिजिटल कक्षाओं, ऑनलाइन एसेसमेंट और अन्य शैक्षणिक गतिविधियों में उपयोग भी होगी।
स्कूल शिक्षा बोर्ड के अधिकारी ने बताया कि डिजिटल ID हर छात्र के लिए अनिवार्य है और इसके बिना छात्र ऑनलाइन शैक्षणिक सेवाओं का उपयोग नहीं कर पाएंगे। उन्होंने कहा कि बोर्ड ने सभी स्कूलों को डिजिटल ID बनाने की प्रक्रिया के लिए ऑनलाइन पोर्टल और हेल्पलाइन नंबर प्रदान किए हैं।
इस ID में छात्र की व्यक्तिगत जानकारी, स्कूल और कक्षा की डिटेल्स, और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर पढ़ाई और परीक्षा संबंधी रिकॉर्ड शामिल होगा। अधिकारी ने अभिभावकों से अपील की है कि वे जल्द से जल्द अपने बच्चों की जानकारी अपलोड कराएं और डिजिटल ID बनवाएं।
अभिभावकों और शिक्षकों ने कहा कि डिजिटल ID छात्रों के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है, क्योंकि यह न केवल शिक्षा के डिजिटलरण में मदद करेगा बल्कि छात्र की पहचान और रिकॉर्ड को भी सुरक्षित रखेगा। बोर्ड ने यह भी चेतावनी दी है कि 31 अगस्त के बाद जो छात्र डिजिटल ID नहीं बनवाएंगे, उन्हें डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म की सेवाओं में शामिल होने की अनुमति नहीं मिलेगी।
विशेषज्ञों का कहना है कि डिजिटल पहचान पत्र की यह पहल छात्रों के लिए भविष्य में कई शैक्षणिक और प्रशासनिक कार्यों में उपयोगी साबित होगी। यह न केवल शिक्षा प्रणाली को आधुनिक बनाएगा, बल्कि छात्रों की जानकारी को सुरक्षित और केंद्रीकृत भी करेगा।
इसके अलावा, बोर्ड ने स्कूलों को निर्देश दिए हैं कि वे छात्रों और अभिभावकों को डिजिटल ID बनवाने के लिए आवश्यक सहायता प्रदान करें। इसमें ऑनलाइन फॉर्म भरना, पहचान पत्र डाउनलोड करना और तकनीकी समस्याओं का समाधान शामिल है।
बोर्ड ने यह भी स्पष्ट किया है कि डिजिटल ID केवल छात्रों की शैक्षणिक गतिविधियों तक सीमित नहीं होगी। भविष्य में इसका उपयोग छात्र की उपलब्धियों, परीक्षाओं, प्रमाणपत्रों और अन्य शैक्षणिक रिकॉर्ड को डिजिटल तरीके से ट्रैक करने के लिए किया जाएगा।
इस पहल से हिमाचल प्रदेश के शिक्षा क्षेत्र में डिजिटल बदलाव की दिशा में एक बड़ा कदम बढ़ा है। छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों से बोर्ड ने आग्रह किया है कि वे इस प्रक्रिया में पूरी तत्परता और सहयोग करें ताकि सभी छात्रों की डिजिटल ID समय पर बन सके।