Himachal Pradesh.हिमाचल प्रदेश: हिमाचल प्रदेश में रणनीतिक दारचा-शिंकुला मार्ग अब वाहनों के लिए फिर से खोल दिया गया है। अधिकारियों ने बताया कि भारी बारिश और भूस्खलन के कारण यह मार्ग कुछ समय से बंद था। सड़क पर गिरे मलबे और क्षतिग्रस्त हिस्सों की सफाई और मरम्मत पूरी होने के बाद प्रशासन ने यातायात फिर से बहाल कर दिया।
दारचा-शिंकुला मार्ग राज्य और पड़ोसी क्षेत्रों के लिए रणनीतिक महत्व रखता है। यह न केवल स्थानीय आबादी को जोड़ता है बल्कि क्षेत्रीय व्यापार और आपूर्ति के लिए भी एक महत्वपूर्ण कड़ी है। अधिकारियों ने कहा कि मार्ग बंद रहने से प्रभावित हुए परिवहन और आवागमन को अब राहत मिलेगी।
सड़क विभाग के अधिकारियों ने बताया कि बंद होने के दौरान सड़क पर सुरक्षा उपायों को मजबूत किया गया। ढलानों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में अतिरिक्त दीवारें और गार्डरेलों की स्थापना की गई। अधिकारियों ने कहा कि नियमित निगरानी और रखरखाव के लिए विशेष टीम तैनात की गई है, ताकि भविष्य में किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटा जा सके।
स्थानीय लोगों और यात्रियों ने मार्ग खुलने का स्वागत किया। “यह मार्ग हमारे लिए जीवनरेखा की तरह है। अब हम आसानी से अपने गांवों और पड़ोसी शहरों तक पहुंच सकते हैं,” एक स्थानीय निवासी ने कहा। इसके अलावा, पर्यटक भी इस मार्ग के खुलने से खुश हैं, क्योंकि यह क्षेत्र हिमाचल प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों तक सीधे संपर्क प्रदान करता है।
सड़क विभाग ने सभी वाहनों के लिए मार्ग पर सीमित गति और सावधानी बरतने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही, भारी वाहन और मालवाहन पहले जैसी समयबद्ध व्यवस्था के अनुसार ही मार्ग का उपयोग कर सकेंगे। अधिकारियों ने कहा कि आपातकालीन परिस्थितियों में अतिरिक्त सुरक्षा उपायों के लिए तैयारियां पहले से ही की गई हैं।
प्रशासन ने यह भी आश्वासन दिया कि आगे आने वाले मानसून और सर्दियों के मौसम में भी मार्ग की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक संसाधन और मानव बल तैनात किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि मार्ग खुलने से न केवल नागरिकों को राहत मिलेगी, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था और पर्यटन क्षेत्र को भी मजबूती मिलेगी।